ग्रामीणों को जागरूक करती जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम। स्रोत : विभाग
रेवाड़ी। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर ग्राम पंचायत लिसाना में सरपंच श्रीभगवान की अध्यक्षता में ग्राम जल व सीवरेज समिति के सदस्यों के साथ बैठक हुई। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन ने ग्रामीणों को स्वच्छता, पेयजल संरक्षण व सरकार की नई नीतियों के प्रति जागरूक किया।
इसके साथ ही ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छ सुजल गांव की शपथ भी दिलाई गई। जिला सलाहकार योगेन्द्र परमार ने बताया कि 24 अप्रैल 1993 को 73वां संवैधानिक संशोधन लागू हुआ था जिसके माध्यम से पंचायतों को संवैधानिक दर्जा मिला। इसी उपलक्ष्य में वर्ष 2010 से प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने ग्राम सभा में नई ओमएम संचालन व रखरखाव नीति-2026 के बारे में जानकारी दी। बताया कि इस नीति के तहत ग्रामीण जल प्रबंधन में ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों की भूमिका और अधिक मजबूत होगी। अब समुदाय सरकारी तंत्र के साथ मिलकर जल आपूर्ति व्यवस्था की देखरेख करेगा।
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प्रत्येक नल पर टोंटी लगाना आवश्यक
जिला सलाहकार ने ग्रामीणों से अपील की है कि पेयजल को व्यर्थ न बहाएं। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जून तक पानी की मांग बढ़ जाती है, इसलिए प्रत्येक नल पर टोंटी लगाना आवश्यक है। साथ ही पेयजल का उपयोग सिंचाई या बागवानी में न करने की सलाह दी। मौके पर ग्राम सचिव प्रवीण कुमार, पंच राकेश कुमार, अशोक कुमार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन देवी, सुनीता देवी, रोहित, कमलेश सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।