गांव मसीत में आयोजित पंचायत में बातचीत करते ग्रामीण। संवाद
रेवाड़ी। गांव मसीत में सुनीता हत्याकांड में पुलिस के हाथ 13 दिन बाद भी खाली होने के बाद ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया है। इसे लेकर वीरवार को आक्रोशित लोगों ने गांव में पंचायत बुलाई। पंचायत में फैसला लिया गया है कि अगर आरोपी जल्द से जल्द नहीं पकड़े गए तो गांव के लोग सड़कों पर उतरकर रोड जाम करेंगे।
आगे कहा कि गांव का प्रतिनिधिमंडल डीसी व एसपी से इस विषय पर मिलकर जल्द से जल्द आरोपी को पकड़ने की गुहार लगाएगा। पुलिस अगर कोई कार्रवाई नहीं करती है तो फिर सीएम से मुलाकात की जाएगी। फिर भी गिरफ्तारी नहीं होती है तो सड़क जाम करने और दूसरे विकल्पों पर विचार किया जाएगा।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में आए दिन लूटपाट डकैती हत्याएं जैसी वारदात सुनने में आ रही हैं और पुलिस प्रशासन सुस्त है। पंचायत में एक 25 सदस्यों की समिति बनाई गई है जो आगे की रूपरेखा निर्धरित करेगी।
कमेटी प्रधान रवि मसीत ने बताया कि अगर आरोपी को पकड़ने में पुलिस असफल रहती है तो क्षेत्र की एक महापंचायत बुलाकर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। पंचायत की बागडोर युवा वर्ग ने संभाली।
कहा कि अगर पुलिस जल्द से जल्द इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा नहीं कर पाई तो युवा वर्ग चैन से नहीं बैठेगा। पंचायत में सरपंच अशोक, युवा राजेश, प्रदीप, आशिष, पुनित, राहुल, कपिल, सज्जन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
दरअसल 17-18 जुलाई के दरमियान मसीत गांव निवासी सुनीता (48) की सिर फोड़कर किसी ने हत्या कर दी थी। तब घर पर कोई नहीं था। उसका बेटा अर्जुन पठानकोट में बीएससी नर्सिंग का छात्र है जबकि पति प्यारेलाल चित्तौड़गढ़ में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। दो बेटियां हैं जिनकी शादी हो चुकी है।
अर्जुन ने बताया कि मेरी अंतिम बार मां से 17 जून को बात हुई थी। 18 जून को सुबह मैंने बात करने का प्रयास किया लेकिन शाम तक फोन नहीं मिला। फिर पड़ोसी अजय को कॉल करके मां से बात कराने को कहा।
पड़ोसी उसके मकान पर पहुंचा तो मेन गेट का दरवाजा बंद था। बरामदे के बराबर में बनी बैठक के दरवाजे का गेट खुला हुआ था। वह बैठक के दरवाजे से होता हुआ अंदर पहुंचा तो घर में अंधेरा था। उसने लाइट जलाई तो सुनीता उसे फर्श पर मृत पड़ी मिली। वह तुरंत बाहर भागा और अन्य पड़ोसियों को बुलाकर लाया। पड़ोसियों ने ही उसे और पुलिस को इस हत्या की सूचना दी।
सुबह वे घर पहुंचे तो देखा कि मां सुनीता के सिर में काफी चोट लगी थीं। फर्श पर लगा खून भी सूख चुका था। आशंका है कि यह हत्या 17 तारीख को ही कर दी गई थी।
दूसरी तरफ जाटूसाना थाना प्रभारी सचिन का कहना है कि पुलिस इस हत्या को सुलझाने के प्रयासों में लगी है ओर इसके लिए अलग अलग टीमें काम कर रही है।
पुलिस इस हत्या को सुलझाने के प्रयासों में लगी है और इसके लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त होंगे। -अनिल कुमार, प्रभारी, थाना जाटूसाना