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करीब 500 साल पूर्व दुल्ला ने बसाया था कोहारड़ गांव

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कोसली। कस्बे से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित गांव कोहारड़ को करीब 500 साल पूर्व झज्जर जिला के गांव झांसवा के समीप एक बेचिराग गांव निवासी दुल्ला नामक व्यक्ति ने बसाया था। करीब 3000 आबादी वाले इस गांव में 1300 से अधिक मतदाता है। ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय खेतीबाड़ी व पशुपालन है। गांव में बाबा हर्षापुरी महाराज की मान्यता है। सुविधाओं के नाम पर गांव में 10वीं तक का स्कूल, दो आंगनबाड़ी, उपस्वास्थ्य केंद्र व पंचायत घर है। रोडवेज के अभाव में ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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गांव में लंबे समय से रोडवेज सेवा का अभाव है, जिससे ग्रामीणों को मजबूरन प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके अलावा पेयजल का भी अभाव बना हुआ है।
-बिल्लू यादव
गांव में न तो सहकारी समिति की बसें आती है और न ही रोडवेज की बसों का सुविधा है। ऐसे में विशेषकर स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। जबकि ग्रामीण कई बार संबंधित अधिकारियों से मिल चुके हैं।
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-धर्मपाल यादव
गांव में यातायात की सुविधा का लंबे समय से अभाव है जबकि कई बार संबंधित अधिकारियों से मिलकर मांग की जा चुकी है। इसके अलावा गांव के स्कूल को अपग्रेड कराने के लिए भी कई बार मांग की जा चुकी है। लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
-संदीप यादव, सरपंच
सफाई के अभाव में गांव में गंदे पानी की नालियों ओवरफ्लो हो रही है, जिससे गंदा पानी गलियों में फैल रहा है। इसके अलावा गांव में रोडवेज की बसों का लंबे समय से अभाव है, जिसके कारण ग्रामीणों को पैदल सफर करना पड़ता है।
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-यशपाल।
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