रेवाड़ी। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से लड़ने के लिए हर जिले में कोरोना मॉनिटिरिंग कमेटियां गठित की जाएं। कमेटियों में प्रत्येक जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, सिविल सर्जन और नगर निकायों के अधिकारियों के साथ-साथ आईएमए के लोगों को भी शामिल किया जाए, ताकि कोरोना की संभावित लहर से अच्छी प्रकार से निपटा जा सकें।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर के आने से पहले राज्य के ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लगाने को प्रयास भी करना होगा। विज ने ये निर्देश राज्य स्तरीय कोविड मॉनिटिरिंग कमेटी की बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक व सिविल सर्जन के अतिरिक्त अन्य अधिकारियों को दिए।
तीसरी लहर हो सकती है दूसरी से भी ज्यादा संक्रामक
विज ने कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर दूसरी लहर से भी ज्यादा संक्रामक हो सकती है और इसलिए हमें पहले से ही सभी तैयारियों को व्यापक रूप से करना है। जिसमें आक्सीजन, वेंटिलेटर के साथ-साथ आईसीयू इत्यादि की संख्या को बढ़ाने की व्यवस्था शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐसा भी कहा जा रहा है कि जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग गई हैं, उनमें मृत्यु दर की आशंका कम हो जाती है। इसलिए हमें कोरोना की संभावित तीसरी लहर के आने से पहले ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज को लगाने का प्रयास करना है। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रदेश में 95 लाख लोगों को वैक्सीन लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के कार्यक्रम को तेजी से बढ़ाने के लिए सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक इत्यादि संस्थाओं व एनजीओ का सहयोग भी लेना चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा सके।
संस्था का सरकार से जुड़ने पर बनता है अभियान
विज ने कहा कि जब कोई भी संस्था सरकार के कार्यक्रम के साथ जुड़कर कार्य करती है तो यह कार्यक्रम एक अभियान का रूप ले लेता है। इसलिए हम सभी को वैक्सीनेशन के कार्यक्रम को अभियान के तहत संचालित करना होगा। इससे सरकार व जिला प्रशासन की छवि भी निखरती है।
जिले में रियलिटी चेक करें डीसी
उन्होंने जिला उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि अपने-अपने जिलों में चिकित्सा से जुडे़ संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ तीसरी लहर को लेकर बैठकें करें और रियलिटी चेक करें कि आपके जिलों में कितनी आक्सीजन बेड, वेंटिलेटर, वाईपेप इत्यादि उपकरण हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अपनी रिपोर्ट को मुख्यालय पर भेजें और इस रिपोर्ट को मुख्यालय में प्राप्त आंकड़ों के साथ सत्यापित किया जाएगा। निर्धारित दरों से अधिक पैसे वसूलने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्यवाही करें ताकि वे अधिक राशि वसूल न सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से चिह्नित हों आइसोलेशन सेंटर
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आइसोलेशन सेंटर के लिए स्थानों को पहले ही से चिह्नित कर लिया जाए, ताकि भविष्य में दिक्कत न हो। इसके अलावा होम आइसोलेशन किट भी प्रत्येक जिले में 500 से 1000 के बीच में रिजर्व होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ओपीडी व इलेकक्टिव सर्जरी को भी शुरू कर दें।
अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश
वीसी में डीसी यशेंद्र सिंह ने बताया कि जो 50 बेड के हॉस्पिटल हैं उनको ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। वीसी में एसपी अभिषेक जोरवाल, डीएमसी दिनेश यादव, एसडीएम रेवाड़ी रविन्द्र यादव, एसडीएम बावल संजीव कुमार, सीटीएम रोहित कुमार, डीआरओ राजेश ख्यालिया, डीडीपीओ एचपी बंसल, सीएमओ डॉक्टर कृष्ण कुमार, डिप्टी सिविल सर्जन डॉक्टर विजय प्रकाश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।