रेवाड़ी। जिले में कोविड वैक्सीन लगभग खत्म हो गई है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुकिंग की जा रही है। बुकिंग करने के बाद डोज लगवाने के लिए पहुंचे लोगों को मना कर दिया जाता है। ऐसे में लोगों को गर्मी के बीच परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोग 20-20 किमी दूर बुकिंग के बाद पहुंच रहे हैं, लेकिन डोज के अभाव में उन्हें लौटना पड़ रहा है।
वीरवार को भी जिले में 1100 से अधिक लोगों को टीका लगाया गया, लेकिन इनमें अधिकतर दूसरी डोज लगाई गई। कोसली क्षेत्र की दो लाख आबादी में से पहली डोज एक भी व्यक्ति को नहीं लग पाई। महज 150 लोगों को दूसरी डोज ही लग पाई। इधर, जिले में वैक्सीन नहीं होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। वहीं दूसरी ओर बीते कुछ दिनों में स्वास्थ्य मंत्री व महानिदेशक की ओर से टीकाकरण बढ़ाने के आदेश दिए गए थे। प्रत्येक दिन औसतन 7000 हजार लोगों का टीकाकरण किया जाना था। इसमें तीन माह के अंदर 12 लाख की आबादी में से 18 प्लस की पांच लाख की आबादी के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था।
15 किमी दूर पहुंची महिला को नहीं लगा टीका
जिले के गांव रागगढ़ निवासी महिला मंजू देवी ने बताया कि बेटे ने ऑनलाइन टीके लिए आवेदन किया था। खोली सीएचसी में वीरवार का समय दिया गया। भीषण गर्मी के बीच करीब 15 किमी दूर पहुंचे तो स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि डोज ही नहीं है। मंजू का कहना है कि जब डोज ही नहीं थी तो ऑनलाइन क्यों बुकिंग की गई। बाइक पर भीषण गर्मी में जाने से कोई हादसा भी हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया गया तो कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
नगर परिषद कर्मचारियों ने टीकाकरण के लिए किया प्रदर्शन
कोविड टीकाकरण नहीं होने से नाराज नगर पालिका कर्मचारी संघ की ओर से वीरवार को प्रदर्शन करने के बाद डीएमसी को ज्ञापन दिया गया। कर्मचारी पहले शहर के नेहरू पार्क में एकत्रित हुए इसके बाद पैदल मार्च करते हुए डीएमसी के दफ्तर पहुंचकर ज्ञापन दिया। प्रधान महेंद्र चावरिया ने बताया कि सभी सफाई कर्मचारी फ्रंट लाइन वर्कर हैं, लेकिन अभी तक महज 10 प्रतिशत कर्मचारियों को ही पहली डोज लग पाई है। इसके अलावा सफाई के दौरान पीपीई किट जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के नाम भेजे ज्ञापन में कहा कि यदि सात दिन के अंदर टीकाकरण व मास्क, सैनिटाइजर, साबुन आदि जरूरी चीजें उपलब्ध नहीं कराई गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।