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Rewari News: तीन करोड़ की जमीन पर बन रहे भवन के पिलर उखाड़े

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अवैध निर्माण को हटाता बुलडोजर।
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रेवाड़ी। शहर में नगर परिषद की बेशकीमती जमीन को अधिकारियों से मिलीभगत कर कब्जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। शुक्रवार को भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें एक पार्षद के रिश्तेदार पर ब्रास मार्केट के समीप नगर परिषद की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण करने का आरोप है, जिसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि नगर परिषद की ओर से अज्ञात के खिलाफ कार्रवाई का दावा किया जा रहा है, लेकिन भूमाफिया की ओर से इस जमीन पर पिछले 10 दिन से कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। हालांकि नगर पार्षद इसकी विजिलेंस से जांच कराने की बात कह रहे हैं। वहीं दूसरी ओर से सूचना के बाद मौके पर पहुंची नप की टीम को देखकर निर्माण करने वाले श्रमिक भाग गए। नप की टीम ने बुल्डोजर की मदद से जमीन को साफ करा दिया है।
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शहर के सर्कुलर रोड पर ब्रास मार्केट की काफी जगह खाली पड़ी हुई है। इसी खाली जमीन का एक हिस्सा पार्क के बिल्कुल साथ है। करीब 200 गज की बेशकीमती जमीन पर भू-माफियाओं की नजर थी। शुक्रवार को कुछ मजदूर व राजमिस्त्री निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। बड़ी बात यह है कि सरेआम भू-माफिया की ओर से नप की जमीन को कब्जाया जा रहा था, लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों को इसकी जानकारी कैसे नहीं थी।
एक पार्षद के रिश्तेदार के नाम की चर्चा
इस पूरे प्रकरण में एक पार्षद के रिश्तेदार का नाम चर्चा में आया है। हालांकि कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि पार्षद के रिश्तेदार की ओर से करीब 10 दिन से जमीन की नींव खुदाई व मार्किंग की जा रही थी। शुक्रवार को इस पर निर्माण प्रक्रिया शुरू की गई ताकि शनिवार व रविवार को सरकारी कार्यालय बंद होने की वजह से कोई व्यवधान पैदा होने की संभावना नहीं होती। यह भी बताया जा रहा है कि नप की टीम की कार्यवाही से पहले ही भूमाफिया को सूचना दे दी गई थी, जिसकी वजह से पहले ही वहां से रफूचक्कर हो गया।
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नगर परिषद में भ्रष्टाचार चरम पर
कभी सेवा शुल्क को लेकर तो कभी फर्जी एनडीसी जारी करने के मामले में या फिर जमीन पर कब्जा कराने के मामले में रेवाड़ी नगर परिषद पिछले करीब दो साल से सुर्खियों में रही है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से नगर परिषद में शांति का माहौल था, लेकिन एक बार फिर भूमाफिया ने मुंह निकाल लिया है। यहां बड़ा सवाल यह है कि इतना बड़ा खेल बिना अधिकारियों के मिलीभगत कैसे संभव हो सकता है। सरेराह नगर परिषद की जमीन पर कोई भी अवैध कब्जा नहीं कर सकता है, लेकिन रेवाड़ी नगर परिषद क्षेत्र में यह खुलेआम हो रहा है।
पार्षदों की सूचना के बाद जागा नप प्रशासन
बेशकिमती जमीन पर अवैध की जानकारी होने पर पार्षद प्रवीण कुमार उर्फ शालू, सुरेश शर्मा, चंदन यादव, दलीप माटा, निहाल यादव, रोहताश, सुरेश सैनी, पार्षद प्रतिनिधि मोनू राव व पूर्व पार्षद प्रदीप भार्गव सहित अन्य पार्षद नगर परिषद में अधिकारियों के पास पहुंचे और कब्जा करने वाले पर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद सचिव प्रवीण कुमार के निर्देश पर जेई सुनील के नेतृत्व में एक टीम मौके पर भेजी। टीम ने मौके से निर्माण के सानान को कब्जे में लेकर बुल्डोजर की मदद से जमीन को समतल कर दिया।
विजिलेंस जांच की मांग उठाई
गुस्साएं पार्षदों ने इस मामले की जांच विजिलेंस कराने की मांग की है। पार्षदों का कहना है कि नप की जमीन को हड़पने के मामले में कौन जिम्मेदार है। इसकी बात की जांच होनी चाहिए।

कब्जाधारी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे
मुझे इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से पता चली है। यह नगर परिषद की जमीन है। सूचना मिलती ही टीम को भेजकर कार्रवाई शुरू कर दी। जो भी आरोपी है उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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-प्रवीण कुमार, सचिव नगर परिषद रेवाड़ी
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