रेवाड़ी। नगर परिषद की आपात बैठक बुधवार को चेयरपर्सन पूनम यादव की अध्यक्षता में हुई। इस मौके पर एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक हंगामेदार रही। बैठक में एक महिला पार्षद की तीखी टिप्पणी पर अन्य पार्षद विरोध दर्ज कराते हुए कक्ष से बाहर चले गए। इस बैठक के लिए जो कार्य मसौदा जारी हुआ, वह दो मुद्दों पर आधारित था, मगर उन पर उपस्थित नगर पार्षदों की सहमति नहीं बन पाई और बैठक समाप्त हो गई।
बैठक के लिए जारी कार्य मसौदा के प्रस्ताव बिंदु-1 के तहत 9 दुकानों को अतिक्रमण बताते हुए उसे हटाने के लिए सभी पार्षदों से सहमति बनाने का आग्रह किया गया था। मामले में बैठक के दौरान वार्ड नं. 25 से महिला पार्षद मोनिका की टिप्पणी से हंगामा हो गया। पांच पार्षद जोरदार विरोध पर उतर आए। उनका कहना था कि महिला पार्षद ने दुकान के लिए उनपर रुपये लेने का आरोप लगाया है। महिला पार्षद गलत कह रही हैं। अगर उनके आरोप सही हैं तो वे इसे साबित करें।
चेयरपर्सन पूनम यादव और अधिकारियों ने इन्हें काफी देर शांत करने की कोशिश की, मगर बात नहीं बनी। इस मुद्दे पर सभी पार्षदों में सहमति नहीं बन पाई। बैठक में शहर के रेलवे रोड पर बनीं 9 दुकानों से संबंधित अतिक्रमण को हटाने का मुद्दा भी पार्षदों को जारी कार्य मसौदा में शामिल था।
यह है मामला
सूत्रों के अनुसार सरकार ने 2014 में तहबाजारी बंद कर दी थी। इन दुकानों का विवाद कई वर्षों से चल रहा है। संबंधित ने तहबाजारी के लिए नगर परिषद से जमीन लेकर उस पर दुुकान बना ली। इस जमीन को तहबाजारी के तहत संबंधित व्यक्ति को देने का अधिकार सरकारी आवंटन पत्र देता है। अब नगर परिषद नया प्रस्ताव पारित करना चाहती है। उसने इन दुकानों को अवैध अतिक्रमण करार देते हुए प्रशासन से इस मामले में तोड़फोड़ कार्यवाही करने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाने की फाइल भी उपायुक्त की मंजूरी के लिए भिजवाई थी, मगर यह मंजूरी अब तक नहीं मिल पाई है। अब नगर परिषद ने आज जो आपात बैठक बुलाई, उसके कार्य मसौदा के प्रथम बिंदु पर ही मामले में पूर्वकाल में रेवाड़ी नगर परिषद की ओर से पारित संबंधित प्रस्ताव को रद्द करने का नया प्रस्ताव पारित करने का आग्रह रखा गया।
‘दुकानों का निर्माण कर लेना साफ तौर पर अतिक्रमण’
चेयरपर्सन पूनम यादव का कहना है कि नगर परिषद शहर में दुकानों के साथ नाले बनवा रही है। तहबाजारी के लिए दी गई जगह पर दुकानों का निर्माण कर लेना साफ तौर पर अतिक्रमण है। इसे जनहित में हटाया जाना जरूरी है और आपात बैठक के कार्य मसौदा में यह प्रस्ताव भी रखा गया था, जिसे पारित किया जाना जरूरी है। उधर इस बैठक में सांवरिया प्रिंटिंग प्रेस फर्म से विज्ञापन टेंडर की बकाया राशि, जो मूल और ब्याज मिलाकर 50 लाख रुपये से अधिक बताई जाती है, उसे वसूलने के लिए अदालत में वाद दायर करने का प्रस्ताव सहमति से पारित कर दिया गया है। इस बैठक में कार्यकारी अधिकारी अभे सिंह समेत अन्य नप अधिकारी एवं पार्षद शामिल हुए।
अतिक्रमण हटाने के नाम पर चल रही भाईदारी : लोकेश
नप सदन की बैठक में वार्ड 5 से पार्षद लोकेश यादव एडवोकेट ने कहा कि शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर भाईदारी चल रही है, जो खत्म होनी चाहिए। सभी पार्षद अतिक्रमण के खिलाफ हैं और चाहते हैं कि हमारा शहर अतिक्रमण मुक्त हो। अगर नगर परिषद अतिक्रमण हटवाना चाहती है तो अकेले रेलवे रोड नहीं, पूरे शहर के अतिक्रमणों को चिह्नित करके सब पर कार्यवाही करे। सभी पार्षद एकमत होकर इस प्रस्ताव को पारित करेंगे। कुछ लोगों को निशाने पर लेना ठीक नहीं।