संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलदेव राज कांबोज ने कहा कि विश्वविद्यालय क्षेत्र के किसानों को एक जगह अपने उत्पाद बेचने के लिए सहायता देगा। किसान समूह बना कर आगे आएं और विश्वविद्यालय से जुड़ कर काम करें।
कुलपति डॉ. कंबोज कृषि महाविद्यालय बावल में सोमवार को आयोजित एक दिवसीय किसान गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने किसानों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत विश्वविद्यालय से जुड़ कर अपने उत्पाद बेचने के लिए प्रेरित किया। किसानों ने खुद के तैयार किए उत्पाद तेल, आटा, बिस्कुट, अचार के बारे में बताया। कुलपति ने कहा कि जिले में लगभग 80 हजार हेक्टेयर में बाजरा व इतनी ही भूमि पर सरसों उगाई जाती है। इसमें रसायनों का न्यूनतम प्रयोग किया जाता है। जिले के किसान दोनों फसलों में मूल्यवर्धन व ब्रांडिंग करके अच्छा मुनाफा काम सकते हैं। फल एवं सब्जियों के उत्पाद बना कर फायदा ले सकते हैं।
अतुल जैन ने कहा कि किसान एकमत हो कर एकीकृत कृषि को बढ़ावा दें। पूर्वजों द्वारा सुझाई गई वैज्ञानिक पद्धतियों को भी कृषि कार्यों में जोड़ें। डॉ. अमित गोस्वामी ने किसानों को सुझाव दिया कि पर्यावरण एवं मृदा स्वास्थ्य के लिए जरूरत के मुताबिक कृषि रसायनों का ही प्रयोग करें। इस मौते पर अतुल जैन, डॉ. अमित गोस्वामी, डॉ. नरेश कौशिक, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मवीर यादव ने किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों से चर्चा की। गोष्ठी में 30 से अधिक प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
विजेता टीम को ट्रॉफी दे कर किया सम्मानित
कुलपति ने कृषि महाविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय इंटर हाउस खेल प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्रॉफी दे कर सम्मानित किया। कराटे प्रतियोगिता में तृतीय स्थान पर आने वाली कृषि महाविद्यालय की छात्रा दीप्ति को भी सम्मानित किया। कुलपति ने छात्रों को खेलों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया और छात्रों से महाविद्यालय में मिल रही सुविधाएं एवं जरूरतों के बारे में भी जानकारी ली। क्षेत्रीय निदेशक धर्मवीर यादव ने किसानों के प्रति आभार जताया।