कोरोना वायरस के संदिग्ध खतरे के चलते उच्च शिक्षा विभाग के आदेश पर विवि, सभी निजी व सरकारी कॉलेजों को 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से खतरे से बचने के लिए सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल व रेस्टोरेंट सहित भीड़ वाले स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। संक्रमण फैलने पर निपटने के लिए अस्पताल में तब्दील किए गए कैनाल रेस्ट हाउस का सीटीएम संजीव कुमार ने निरीक्षण भी किया।
इसके अलावा प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि प्रभावित देशों से लौटे नागरिक को सिविल सर्जन को सूचित करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एडीसी राहुल हुड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा जारी सलाह के अनुसार जिला स्तर पर कंटेनमेंट प्लान फॉर कोरोना वायरस योजना के अनुसार जिला प्रशासन स्तर पर अधिकारियों के साथ अभी तक की गई तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें के बारे में ग्राम स्तर तक प्रशिक्षित स्टॉफ द्वारा जागरूकता अभियान जारी है। प्रशिक्षित टीमें आमजन को कोरोना वायरस से बचाव के लिए इसकी जानकारी दे रही हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा भी जरूरी होने पर ही करें।
प्राइवेट लैब पर नहीं कर सकेंगे कोरोना संदिग्ध की जांच
एडीसी की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि प्राइवेट लैब पर कोरोना की जांच नहीं हो सकेगी। ऐसे में संदिग्ध दिखने पर नागरिक अस्पताल में जांच करवाएं। खांसी, जुकाम और बुखार पीड़ित व्यक्ति के नजदीक जाने से परहेज रखा जाए। प्राइवेट अस्पताल कोरोना के सैंपल लेने व टेस्ट करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रशासन की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए एडीसी हुड्डा ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। जिला नागरिक अस्पताल रेवाड़ी के लिए हेल्पलाइन नंबर 01274-250764 व डीप्टी सीएमओ एवं जिला नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर 9416349426 और कोसली उपमंडल नागरिक अस्पताल के लिए 01259-275105 टेलीफोन नंबर पर चौबीस घंटे कोरोना से संबंधित जानकारी व सेवाएं उपलब्ध हैं। सरकार के निर्देशानुसार जिला के सभी अस्पताल में फ्लू कार्नर स्थापित किए गए हैं।
ये भी जानना जरूरी
कैसे फैलता है कोरोना वायरस
कोरोना वायरस से सर्दी, जुकाम, खांसी, नाक का लगातार बहना, बुखार और सांस लेने में दिक्कत आदि शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं, जिससे ये पुष्टि होती है कि यह वायरस संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति को फैल सकता है। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति को खांसी, जुकाम व बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने पर ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। कोरोना वायरस से बचाव के लिए अपने घर में एकांत में रहे, बाहर न घूमें व आराम करें। संतुलित आहार व पर्याप्त पानी पीएं। छींकते या खांसते समय अपने नाक, मुंह पर रुमाल रखकर या कोहनी से ढककर छींके या खांसे। एन-95 या ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग करें। व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान दें, हाथ गंदे होने पर बहते पानी व साबुन से हाथ धोएं। खांसते समय प्रयोग किए गए टिशु पेपर को किसी बंद डिब्बे में फेंके। क्या न करें-घबराए नहीं। बार-बार अपने मुंह, आंखों व नाक को न छुएं। स्वयं अपना उपचार न करें, अमान्य डॉक्टरों से बचें। प्रशासन की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि लोगों को कच्चे व अधपके मांस के सेवन से बचना चाहिए।