मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मौके पर पर्यावरण और किसान हितैषी योजनाओं पर जोर दिया और रेवाड़ी को बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस अभियान का मकसद सिर्फ ज़मीन बचाना नहीं, बल्कि पानी बचाना, मिट्टी की सेहत सुधारना और पर्यावरण की रक्षा करना है।
हरियाणा के रेवाड़ी में आयोजित 'खेत बचाओ अभियान' के समापन समारोह में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य रूप से शामिल हुए। इस दौरान किसानों के कल्याण, कृषि तकनीक और क्षेत्र के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए।
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कृषि में नई टेक्नोलॉजी और बीजों पर फोकस: शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार अब खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रही है। कहा कि आने वाले समय में किसान भाइयों को फिजिकल सॉइल हेल्थ कार्ड बनवाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, सब कुछ डिजिटल होगा। अल-नीनो के कारण पानी की कमी से निपटने के लिए नई रणनीतियों पर काम चल रहा है। ऐसे बीजों का इंतजाम किया जा रहा है जो कम पानी में भी जल्दी तैयार हो सकें और बंपर पैदावार दे सकें।
#WATCH | Rewari, Haryana | Union Minister Shivraj Singh Chouhan and Haryana CM Nayab Singh Saini participate in the closing ceremony of the 'Khet Bachao Abhiyan' pic.twitter.com/CaeekRzWW1
हरियाणा FPO मिशन 2026 की शुरुआत और विकास कार्य: CM नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मौके पर पर्यावरण और किसान हितैषी योजनाओं पर जोर दिया और रेवाड़ी को बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस अभियान का मकसद सिर्फ ज़मीन बचाना नहीं, बल्कि पानी बचाना, मिट्टी की सेहत सुधारना और पर्यावरण की रक्षा करना है। सरकार द्वारा 864 करोड़ रुपये की सब्सिडी पहले ही 10 लाख 13 हज़ार से ज़्यादा किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।
#WATCH | Rewari, Haryana: On attending the closing ceremony of the 'Khet Bachao Abhiyan', Union Minister Shivraj Singh Chouhan says, “…We are now leveraging technology so that, in the near future, you—our farmer brothers—won't even need to get a physical Soil Health Card… pic.twitter.com/wcLYg6GfzF
रेवाड़ी को 121 करोड़ की 11 परियोजनाओं की सौगात
क्षेत्र के विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री ने कुल 121 करोड़ रुपये की लागत वाली 11 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। खास तौर पर बावल के लिए 40 करोड़ रुपये की दो परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ। 81 करोड़ रुपये की लागत वाली नौ नई परियोजनाओं की नींव रखी गई।