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Rewari News: उल्लास योजना...267 परीक्षा केंद्रों में 5600 से अधिक अभ्यर्थी देंगे साक्षरता परीक्षा

Sun, 28 Sep 2025 04:54 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। उल्लास योजना के तहत रविवार को साक्षरता परीक्षा होगी। इसके लिए जिले में 267 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में कुल 5600 से अधिक अभ्यर्थी साक्षरता परीक्षा देंगे। यह परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। प्रतिभागियों को दोपहर 2 बजे तक रिपोर्टिंग करनी होगी। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को शामिल नहीं किया जाएगा। इस परीक्षा में सबसे ज्यादा बुजुर्ग हिस्सा लेंगे।
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यह परीक्षा विशेष रूप से 15 वर्ष से अधिक आयु के उन लोगों के लिए रखी गई है, जिन्हें हाल ही में पढ़ना-लिखना सिखाया गया है। शिक्षा विभाग ने परीक्षा को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र पहुंचा दिए गए हैं। पेपर में सरल प्रश्न पूछे जाएंगे, जो पहली और दूसरी कक्षा की किताबों पर आधारित होंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह परीक्षा जिले को 2027 तक पूर्ण रूप से साक्षर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वर्तमान में जिले की साक्षरता दर 96.94 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना में जिले के करीब 67 हजार 413 लोग निरक्षर पाए गए थे। निरंतर चलाए गए प्रयासों से अब तक लगभग 34 हजार लोग साक्षर हो चुके हैं, हालांकि अभी भी लगभग 33 हजार लोग निरक्षर हैं।
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25,515 लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य

शिक्षा विभाग ने चालू सत्र 2025-26 के लिए 25 हजार 515 लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य तय किया है। लक्ष्य पूरा होने के बाद जिले में केवल कुछ हजार ही निरक्षर बचेंगे जिन्हें अगले एक से दो वर्षों में साक्षर कर दिया जाएगा। मिशन को सफल बनाने के लिए जिले में 331 स्कूलों में उल्लास सेंटर संचालित किए जा रहे हैं जहां निरक्षरों को पढ़ाया जा रहा है। विभाग का कहना है कि सतत मॉनिटरिंग के जरिए 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का संकल्प पूरा किया जाएगा।


अधिक आयु के लोगों को सशक्त बनाना उद्देश्य

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार ने 2022 से पांच साल की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम के तहत उल्लास नामक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की थी। योजना का प्राथमिक उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी लोगों को सशक्त बनाना है जो किसी कारणवश शिक्षित नहीं हो सके। ऐसे लोगों को शिक्षित करने का अवसर दिया जा रहा है।

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वर्जन
उल्लास योजना के तहत जिले में 267 परीक्षा केंद्रों पर 5600 से अधिक निरक्षर परीक्षा देंगे। शिक्षा विभाग ने 2027 तक जिले को पूरी तरह 100 प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।-मनदीप कुमार, जिला उल्लास कोऑर्डिनेटर, रेवाड़ी।
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