रेवाड़ी। अपराध को कंट्रोल करने एवं लोगों को तत्काल पीसीआर सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से प्रदेश भर में मार्च में पुलिस विभाग डायल 112 सेवा शुरू कर देगा। इस सेवा को आमजन तक पहुंचाने के लिए जिले के प्रत्येक पुलिस थानों को सीसीटीवी कैमरों से सुसज्जित दो-दो नई पीसीआर मिलेंगी। तय रूट मैप के हिसाब से कार्य करने वाली ये पीसीआर वैन सूचना मिलने के बाद महज 15 से 20 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच जाएंगी।
बता दें कि मार्च में पुलिस की सेवा लेने के लिए 112 नंबर पर कॉल करना पड़ेगा, जिसकी कनेक्टिविटी पंचकूला पुलिस हेड क्वार्टर के कॉल सेंटर से रहेगी। वहां से पुलिस रूट मैप के अनुसार यह देखा जाएगा कि वारदात के वक्त उस स्थान पर कौन सी पीसीआर तैनात है। पंचकूला हेड क्वार्टर से निर्देश मिलने के बाद पीसीआर वारदात स्थल पर रवाना होगी। यह प्रक्रिया डेढ़ से 2 मिनट की है। दोनों पीसीआर अपने-अपने थाना क्षेत्र के अलग-अलग रूट पर तैनात होंगी। हर पीसीआर में विशेष रूप से प्रशिक्षित किए गए चार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जो पल-पल की रिपोर्ट थाना प्रभारी को देंगे। इससे पुलिस की सक्रियता बढ़ने के साथ ही अपराधियों पर भी अंकुश लगेगा। पुलिस के कर्मचारियों को पंचकूला में इसके लिए ट्रेनिंग भी दे दी गई है।
समय से नहीं पहुंची तो कार्रवाई
प्रदेश के डीजीपी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंचकूला से निर्देश मिलने के बाद अगर पीसीआर पहुंचने में देरी की तो उस पर तैनात कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इन भाषाओं में सुनी जाएगी शिकायत
पंचकूला स्थित पुलिस के कॉल सेंटर में पुलिस की ओर से ऐसे युवाओं को भर्ती किया जाएगा, जिन्हें हरियाणवी, पंजाबी अंग्रेजी और हिंदी भाषा का ज्ञान हो। ताकि शिकायत कर्ताओं की बातों को आसानी से समझा जा सके।
रूट मैप तैयार कर भेज दिया गया है
जिले के सभी 15 पुलिस थानों का रोड मैप तैयार कर दिया गया है। रूट मैप के अनुसार कितने बजे से कितने बजे तक किस थाने की पीसीआर कहां तैनात होगी। पीसीआर की पूरी तैनाती और जगह की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दिया गया है। इस रूट मैप के अनुसार ही मुख्यालय से निर्देश मिलेंगे।
डायल 112 सेवा शुरू होते ही जिले के सभी पुलिस थानों को दो-दो पीसीआर मिलेगी। पीसीआर रूट मैप के हिसाब से तैनात की जाएगी। कंट्रोल रूप से सूचना मिलते ही पीसीआर मौके पर पहुंचेगी। लोगों तक इस सेवा से पुलिस की पहुंच आसान हो जाएगी। क्राइम को कंट्रोल करने में भी काफी सहायता मिलेगी।
- अभिषेक जोरवाल, एसपी रेवाड़ी।