रेवाड़ी। वाइल्ड लाइफ क्राइम ब्यूरो और वन एवं वन्य जीव विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मंगलवार को गीदड़ व गोह (मॉनिटर लिजार्ड) के अंगों के साथ दो तस्करों को काबू किया है। आरोपियों की पहचान गांव नांगल तेजू निवासी प्रवीण व मोहित के रूप में हुई है। आरोपियों से गीदड़ व गोह के 34 अंग बरामद किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार संपर्क वाइल्ड लाइफ की क्राइम टीम ने कुछ दिन पूर्व यू-ट्यूब पर एक वीडियो देखा था। उसमें कुछ युवक अपने पास वन्य जीवों के अंग बिक्री के लिए मौजूद होने की बात कर रहे थे। टीम ने ग्राहक बनकर संपर्क साधा और डील पक्की कर ली। दोनों युवकों ने रेलवे स्टेशन के निकट डिलिवरी देने की बात कही। इस पर वन्य जीव निरीक्षक देवेंद्र कुमार और रेंज अधिकारी संदीप यादव के साथ वन दरोगा बाबूलाल, वन रक्षक कृष्ण कुमार, हेमंत, योगेश व सत्यनारायण की टीम को भेजा गया। जैसे ही प्रवीण व मोहित ने वन्यजीवों के अंगों का बैग ग्राहक बनकर पहुंचे टीम के दो सदस्यों को सौंपा, वैसे ही उन्हें दबोच लिया गया। उनके पास से चार गीदड़ की नाभि व 30 नर गोह की हत्थाजोड़ी (जननांग) बरामद हुए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में जिला अलवर के गांव सील में एक सपेरे से अंग खरीदने की जानकारी मिली है। आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
वन मंडल अधिकारी सुंदरलाल ने बताया कि वन्य जीव निरीक्षक की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है। वन्यजीवों के अंगों की तस्करी गैरकानूनी है। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि दोनों युवक किसी अन्य बड़े गिरोह से तो नहीं जुड़े हुए हैं।