फोटो: 29रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में ओपीडी की पर्ची कटवाते लोग। संवाद
- फोटो : लघु संसद में विचार रखते अधिवक्ता
रेवाड़ी। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (एचसीएमएस) एसोसिएशन के आह्वान पर सरकारी चिकित्सकों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताल में शामिल दो चिकित्सक भी वापस ड्यूटी पर लौट गए हैं। हड़ताल का मिला जुला असर दिखाई दे रहा है। भले ही अधिकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू होने का दावा कर रहे हैं लेकिन अन्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के एनएचएम, सीएचओ, आयुष विभाग के चिकित्सकों की ड्यूटी नागरिक अस्पताल और दूसरी जगह लगाए जाने से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं। बता दें कि एचसीएमएस द्वारा हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदलने पर सरकार की ओर से आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगा दिया गया था।
इसके बाद एक बाल रोग विशेषज्ञ और एक फोरेंसिक सहित दो चिकित्सक काम पर लौट आए। जिले में कुल 144 चिकित्सक है, जिनमें 122 चिकित्सक हड़ताल पर है। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर नेत्र विभाग पर पड़ा है। आंखों के ऑपरेशन लगातार चौथे दिन भी नहीं हुए।
हड़ताल के कारण गुरुग्राम के एसजीटी मेडिकल कालेज चिकित्सक के अलावा कंसल्टेंट सर्जन, सीएमओ व एनएचएम के चिकित्सकों ने चौथे दिन भी अपनी सेवाएं दी। इसके साथ ही जिले में वीरवार को नागरिक अस्पताल में 1217 ओपीडी हुई। वहीं 35 आपातकालीन सेवाओं में मरीज का उपचार किया।
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वर्जन
अभी तक न तो सरकार और न विभाग की ओर से किसी प्रकार के बातचीत के लिए बुलाया गया है। एसोसिएशन के राज्य कार्यकारिणी लगातार संपर्क में हैं। एसोसिएशन की ओर से कोई नई मांग तो है नहीं। पिछली भाजपा सरकार की स्वीकृति दी जा चुकी है। वर्तमान मुख्यमत्री और स्वास्थ्यमंत्री के माध्यम से विभाग द्वारा लिखित पत्र जारी करना है। इसमें देरी से चिकित्सकों को परेशान किया जा रहा है। -डाॅ. सुधा यादव, प्रधान, एचसीएमएस एसोसिएशन।