संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। साइबर थाना पुलिस ने कंपनी में निवेश करने के नाम पर साइबर ठगी करने के मामले में दो आरोपियों मध्यप्रदेश के भोपाल के सरस्वती नगर निवासी तरुण खरे और इंदौर के राज नगर निवासी दर्शन सिंह ठाकुर को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस 6 आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर चुकी है।
आरोपी तरुण खरे के बैंक खाते में ठगी के 72 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे। आरोपी दर्शन सिंह ठाकुर ने साइबर ठगों को उसका खाता मुहैया कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार 14 जनवरी को गांव बटोड़ी निवासी अजीत कुमार ने शिकायत बताया था कि गत वर्ष दिसंबर में उनके मोबाइल फोन पर कंपनी के एप का लिंक आया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद एप इंस्टाल हो गया। उनको एक व्हाट्सएप से जोड़ा गया और निवेश करननेपर अच्छा रिटर्न मिलने की बात कही गई।
झांसे में आकर गत वर्ष 27 दिसंबर से इस साल 6 जनवरी तक उन्होंने आरोपियों के अलग-अलग खातों में कुल 7 लाख 59 हजार 654 रुपये जमा करा दिए। यह राशि अपने व अपने पिता के बैंक खातों के साथ-साथ परिवार के पांच अन्य सदस्यों के खाते से ट्रांसफर कराई थी। जब रुपये निकालने का प्रयास किया, तो उसे उसकी रकम वापस नहीं मिली।
इसके बाद उसे साइबर ठगी का पता चला। पुलिस ने साइबर थाना में ठगी का मामला दर्ज कर 6 आरोपियों पंजाब के लुधियाना के हैबोवाल के मोहल्ला रंजोत पार्क निवासी पवन खुल्लर, लुधियाना की बस्ती जोधेवाल की शिमला कॉलोनी निवासी रोहित कालिया, यूपी के आगरा के पिनाहाट निवासी रिषी कुमार, यूपी के महाराजगंज के गांव तुठीबारी हाल आबाद महिंद्रनगर लोहारा लुधियाना पंजाब निवासी रमेश कुमार सैनी, पंजाब के लुधियाना के गुरुनानक नगर निवासी राजेन्द्र सैनी व राजस्थान के जिला सीकर के गांव अलखपुरा निवासी सुभाष को पहले ही गिरफ्तार किया था।