पुलिस ने गिरफ्तार किए दोनों आरोपी
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गांव बव्वा में पैसे के लेन-देन को लेकर मामा-भांजे के बीच हुए झगड़े में मामा की मौत के मामले में नामजद आरोपी रोहित और उसकी पत्नी ज्योति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। डीएसपी विद्यानंद ने बताया कि दखौरा निवासी रोहित ने नोटबंदी के दौरान गांव बव्वा निवासी मामा परशुराम (44) के खाते में दो लाख रुपये डाले थे।
रोहित ने खाते में जो पैसे डाले थे वह परशुराम ने खर्च दिए जिसे लौटाने के लिए रोहित लगातार दबाव बना रहा था। परशुराम और रोहित दोनों गुरुग्राम में रहते थे। परशुराम कंपनी में काम करता था। बीते 8 फरवरी को वह परिवार के साथ शादी में शामिल होने के लिए गांव आया हुआ था। रोहित भी शादी में शामिल होने के लिए परिवार और दोस्तों के साथ बव्वा गांव आया था। शादी में शामिल होने के बाद रोहित अपने मामा के घर पहुंच गया। इसी दौरान पैसों को लेकर दोनों में हुआ विवाद मारपीट में बदल गया।
इस दौरान परशुराम के सिर में चोट लग गई और बेहोश होने पर रोहित अपने परिवार और साथियों के साथ दो गाड़ियों में सवार होकर भाग निकला। घायल अवस्था में परशुराम को अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परशुराम दो बच्चों का पिता और दो बहनों का इकलौते भाई था। परशुराम ने लॉकडाउन में अपना गुरुग्राम का मकान बेचकर गांव में घर बना लिया था। परशुराम की पत्नी सुमन गांव में रहती है और बेटा-बेटी दोनों ग्रेजुएशन कर रहे हैं। परशुराम अकेला गुरुग्राम में रहता था और हर शनिवार को गांव आता था।