रेवाड़ी। लगातार दो दिन से हो रही बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनने लगी है। पुराने घरों में दरारें आने, घरों के गिरने व टूटी सड़कों ने उनकी मुसीबत और बढ़ा दी है। वहीं दूसरी ओर 40 हजार हेक्टेयर में बीजित बाजरे की फसल व 10 हजार हेक्टेयर में खड़ी कपास की फसल के जलभराव के चलते खराब होने की आशंका है।
शहर के दिल्ली रोड पर फ्लाईओवर के नीचे की बदहाल सड़क, मॉडल टाउन व सेक्टरों में जलभराव के चलते लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सीएम को शिकायत देने के बाद भी हालात में ज्यादा सुधार नहीं हो पाए हैं। बारिश से पहले प्रशासन की ओर से सेक्टरों में स्ट्रोम लाइन व सीवर लाइन की सफाई ही नहीं कराई गई। इसके चलते हालात और ज्यादा खराब हैं।
सचिवालय से महज कुछ कदम की दूरी पर सेक्टर-1 बना में जलभराव
शहर का सेक्टर-1 जिला सचिवालय से महज कुछ कदमों की दूूरी पर है। लेकिन यहां की सड़कें जलनिकासी नहीं होने से तालाब जैसी दिख रही हैं। सेक्टर की मार्केट के सामने वाली जिला सचिवालय व डीसी आवास की ओर जाने वाली सड़क पर जलभराव के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मार्केट परिसर में तो चार दिन तक जलभराव की स्थिति रहती है। ऐसा ही हाल ब्रास मार्केट, मॉडल टाउन, उत्तम नगर, नई बस्ती, राजीव नगर, दुर्गा कॉलोनी सहित दो दर्जन कॉलोनियों के हैं। हालांकि यहां के लोगों की सुनने वाला कोई नहीं है।
बावल में धंस गई सड़क
बावल सामुदायिक स्वास्थ्स केंद्र के सामने स्थित बागवाली कालोनी में बारिश के कारण सीवर टूटने के कारण सड़क धंस गई है, जिससे हादसे हो रहे हैं। रात को अंधेरा होने के कारण लोग घायल हो रहे हैं। मोहल्लेवासियों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी कई बार शिकायतें दी हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मोहल्लावासी भवानी सिंह, ललीता, आरती, नीरू, सुनीता व पूनम ने बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व गली में बिछाई गई सीवर की दीवार टूट गई थी। इसके बाद बारिश का पानी वहीं पर जमा होने लगा है। परिणामस्वरूप जगह-जगह से सड़क धंस गई है। सड़क टूटने के कारण यहां लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
वर्ष- जुलाई- बारिश
2010 264.0 एमएम
2011 113.0 एमएम
2012 55.3 एमएम
2013 123.0 एमएम
2014 141.8 एमएम
2015 142.0 एमएम
2016 275.3 एमएम
2017 75.3 एमएम
2018 202.3 एमएम
2019 186.8 एमएम
2020 52.5 एमएम
2021 278 एमएम