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जान पर भारी पड़ रहे जमीन को छूते ट्रांसफार्मर और खुले बिजली के तार

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ब्रह्मगढ़ के पास खुले पड़े बिजली का बॉक्स के पास बैठा गोवंश। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। शहर के विभिन्न बाजारों एवं सड़कों पर खुले पड़े बिजली के तार व जमीन को छूते ट्रांसफार्मर हादसों को न्योता दे रहे हैं। जब राहगीर और वाहन चालक इनके पास से गुजरते हैं, जिससे हर वक्त हादसों होने की संभावना बनी रहती है। बरसात के दिनों में खुले तारों में करंट और चिंगारियां भी निकलती रहती है। जिला में पिछले एक साल के दौरान हुए हादसों में तीन लोगों की जान जा चुकी है। स्मार्ट सिटी बनने की राह में रेवाड़ी के लिए यह खतरनाक होने के साथ-साथ हादसों का प्वाइंट भी हैं। सड़कों के किनारे खुले बिजली के तारों में हर वक्त करंट दौड़ता रहता है। ऐसे में अमर उजाला ने शहर के विभिन्न बाजारों में हालातों का जायजा लिया और जाना की कैसे कितनी जगहों पर ये खतरनाक स्थिति हैं और विभाग अपनी तरफ से क्या कर रहा है।
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लीड का जोड....
-बिजली तार अंडरग्राउंड करने को मिले 9 करोड़ लौटाए
बाजरों से लेकर सरकुलर रोड पर भीड़ के बीच लटकते बिजली की तारों को देखते हुए वर्ष 2015 में उस समय के विधायक रहे रणधीर सिंह कापड़ीवास की मांग पर सीएम ने बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए बजट देने की घोषणा की थी। प्रथम चरण में 9 करोड़ रुपये आवंटित भी हुए। पांच साल तक सर्वे भी चला, लेकिन 2020 में प्रोजेक्ट को फिजिबल नहीं होने की बात कहकर राशि को वापस लौटा दिया गया। जबकि गुरुग्राम में अनेक स्थानों पर बिजली की तारों को अंडरग्राउंड किया गया है। लेकिन यहां पर अधिकारियों ने जवाबदेही से बचने के लिए प्रोजेक्ट को लाल झंडी दिखा दी।
-शहर के घंटेश्वर मंदिर, दिल्ली गेट, मॉडल टाउन सभी में हालात एक जैसे
ऐसा नहीं कि जमीन छूते ट्रांसफार्मर व लटकते तारों के समाधान के लिए मुद्दों को नहीं उठाया गया, लेकिन कमेटी गठित करने तक मामला सिमट कर रह जाता है। शहर के सबसे व्यस्तम घंटेश्वर मंदिर के पास बाजार में प्रत्येक दिन 10 हजार से ज्यादा लोग आते हैं, लेकिन यहां पर जमीन को छूते ट्रांसफार्मर से कभी भी हादसा हो सकता है। इसके अलावा दिल्ली गेट, घंटेश्वर मंदिर, अग्रसेन चौक, हूडा बाईपास पर उत्तम नगर में मुख्य रास्ते पर लटकती तार व ट्रांसफार्मर के अलावा मॉडल टाउन व ब्रास मार्किट जैसी पॉश कालोनियों के हालात भी एक जैसे हैं। 2019 के मानसून सीजन में बारिश के दौरान शहर के नागरिक अस्पताल में दवाई लेने आए एक व्यक्ति की भी ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से मौत हो गई थी। उस समय के डीसी रहे अशोक शर्मा ने बिजली निगम को 15 दिन के अंदर सभी ट्रांसफार्मर की फेसिंग करने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। ऐसे में निगम अधिकारियों की कार्य प्रणाली को समझा जा सकता है कि वे कैसे कार्य करते हैं।
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-ये हो चुके हादसे
-30 जुलाई को शहर के मोहल्ला कुतुबपुर में बिजली के तारों को छूने से एक युवक की मौत
-27 अगस्त को गांव राजगढ़ में खुले बिजली के तारों को छूने से दो युवकों की मौत
-करीब दो साल पूर्व मोहल्ला उत्तमह नगर में खुले तारों की चपेट में आने से युवक की मौत
ट्रांसफार्मर नीचे रहने से हादसों का खतरा रहता है। निगम की ओर ऐसे ट्रांसफार्मर को चिहिन्त कर फेसिंग कराई जाती है। कुछ दिन पहले ही शहर रेवाड़ी कार्यकारी अभियंता का चार्ज संभाला है। वीरवार को ही एक टीम बनाकर पूरे शहर में ऐसे प्वाइंट चिहिन्त कराएं जाएंगे। यदि किसी भी व्यक्ति को ऐसे ट्रांसफार्मर दिखाई देते हैं तो फोटो व पता निगम के पास भेज सकते हैं। जहां पर सबसे जरूरी है, सबसे पहले ऐसे ट्रांसफार्मर की जल्द से जल्द फेंसिंग करा दी जाएगी।
-सत्यवीर यादव, एक्सईएन रेवाड़ी।
लोग बोले
मुझे हैरानी है कि शहर स्मार्ट सिटी बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है। करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन शहर की खूबसूरती को खुले तार व ट्रांसफार्मर खराब कर रहे हैं। खुले तारों से हर वक्त हादसों का डर बना रहता है। कई बार अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है।
-सुरेश दुआ, स्थानीय निवासी
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खुले बिजली के तार शहर की बड़ी समस्या है। ब्रास मार्केट से लेकर सरकुलर रोड पर कई स्थानों पर यह समस्या है। कई स्थानों पर तो महज दो फीट पर ही तार लटक रहे हैं। निगम के अधिकारियों को भी कई बार अवगत कराया जा चुका है।
-साकेत धींगड़ा
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शहर के सरकुलर रोड स्थित विभिन्न स्थानों पर खुले तारों की समस्या है। कई बार हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है। लंबे समय से सरकार की ओर से बिजली के तारों को अंडरग्राउंड दबाने की कवायद चल रही है।
-सुभाष सैनी
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खुले बिजली के तार, जंक्शन बॉक्स व जमीन को छूते ट्रांसफार्मर न केवल आमजन बल्कि बिजली कर्मियों के लिए भी खतरनाक है। इसकी वजह से कई बार आमजन के साथ ही बिजलीकर्मियों की भी जान जा चुकी है। इसलिए सबसे पहले ट्रांसफार्मरों को ऊंचा उठाने के साथ ही बिजली की तारों को अंडरग्राउंड किया जाना आवश्यक है।
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-सचिन कुमार
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