कोहरे के चलते रेलवे के ट्रेनों को समय से संचालन को लेकर किए गए दावे धरे रह गए। कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गए हैै। हालात ऐसे हैं कि रविवार को रेवाड़ी रेलवे जंक्शन से आवागमन करने वाली करीब 178 ट्रेनों में से 150 रेलगाड़ी दो घंटे तक की देरी से चल रही हैं। इससे यहां से हर रोज यात्रा करने वाले 50 हजार यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ये पहली बार नहीं, बीते एक सप्ताह से लोगों को दिक्कत आ रही हैं। ऑफिस व रोजमर्रा के कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों इसका सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
सर्दियों में होने वाले कोहरे के मौसम को ध्यान में रखते हुए उत्तर-पश्चिम रेलवे द्वारा रेल यातायात को प्रभावित होने के बचाने के लिए नवंबर माह में विशेष तैयारियों के दावे किए थे। लेकिन जब कोहरा शुरू हुआ तो रेलवे के दावे धरे रह गए। अधिकांश ट्रेने लेट हो रही हैं। सर्दियों के मौसम में कोहरे की अधिकता के कारण रेल यातायात भी प्रभावित होता है।
कड़ाके की ठंड व घने के कोहरे के चलते दृश्यता काफी कम हो चुकी है। इसका असर रेलगाडियों के संचालन पर पड़ रहा है। पैसेंजर ही नहीं एक्सप्रेस रेलगाड़ियां भी देरी से चल रही हैं। रविवार को हिसार-दिल्ली पैसेंजर अपने निर्धारित समय से 1.14 मिनट देरी से चली, श्रीगंगानगर-तिलकब्रिज फास्ट पैसेंजर करीब दो घंटा विलंब से चली, वहीं अजमेर स्पेशल 120 मिनट, अजमेर गरीब रथ 51 मिनट, दिल्ली-हिसार पैसेंजर 68 मिनट, आला हजरत 49 मिनट की देरी से पहुंची। गाड़ी संख्या 54416 रेवाड़ी-दिल्ली 48 मिनट, रानीखेत-एक्सप्रेस 19 मिनट देरी से आ रही हैं। इसके अलावा अधिकतर रेलगाड़ियां देरी से चल रही हैं।
फॉग सेफ डिवाइस व डेटोनेटर लगाने के किए थे दावे
रेलवे ने नवंबर माह मेें कोहरे से बचाव के लिए फॉग सेफ डिवाइस, चमकने वाले साइन बोर्ड, डेटोनेटर (पटाखें), नियमित पेट्रोलिंग एवं कर्मचारियों व अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण देने का दावा किया गया था। वहीं संचालन को सुचारू व संरक्षित बनाने के लिये ट्रेनों के इंजनों में फाग सेफ डिवाइस का प्रावधान-कोहरे के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में चलने वाले रेल इंजनों पर विश्वसनीय फॉग सेफ डिवाइस मुहैया करवाने, स्टेशनों पर पटाखे लगाने हेतु फाग सिगनलमेन की नियुक्ति, स्टेशनों व समपार फाटकों पर समुचित मात्रा में पटाखों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, सिगनल साइटिंग बोर्ड, फोग सिगनल मेन पोस्ट व फ्लेग स्टेशन बोर्ड पर मार्किंग, सिगनल साइनिंग बोर्ड व समपार फाटक के बूम पर पेंट करना व चमकीले टेप की पट्टियां लगाना शामिल था। लेकिन ऐसा कहीं कुछ नहीं दिखाई दे रहा है।