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ट्रैक्टर परेड के लिए रोजाना पहुंच रहे किसानों के जत्थे

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कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बार्डर व मसानी बैराज पर आंदोलित किसानों को समर्थन देने के लिए शनिवार को राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा पहुंचें। वहीं गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर परेड में हिस्सा लेने के लिए राजस्थान व पंजाब किसानों के तीन जत्थे खेडा बार्डर पहुंचें। इसके साथ ही खेड़ा बार्डर किसानों का क्रमिक अनशन भी जारी रहा। दूसरी ओर मसानी बैराज पर जयपुर की ओर जाने वाली रोड पर सुबह से शाम तक एक लेन को खोल दिया गया है।
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बता दें कि हाईवे स्थित खेड़ा बार्डर 13 दिसंबर एवं मसानी बैराज पर 3 जनवरी से किसानों का पड़ाव जारी है। किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए पुलिस की ओर से मसानी फ्लाईओवर के नीचे कंटेनर आदि लगाकर हाईवे को बंद किया गया है, जिससे वाहनों का आवागमन भी प्रभावित है। हालांकि पुलिस की ओर से वाहनों के लिए डायवर्जन रूट बनाए गए हैं।
आपात सत्र बुलाकर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करें सरकार : दीपेंद्र
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मसानी बैराज पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार को हठधर्मिता को छोड़कर किसानों की मांग को मानना चाहिए। कड़ाके की ठंड में कई किसान शहीद हो चुके हैं, लेकिन सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को आपात सत्र बुलाकर तीनों कृषि कानूनों को रद्द कर एमएसपी के लिए नए बिल का मसौदा तैैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस कृषि कानूनों को लेकर सरकार का विरोध करेगी।
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राजस्थान व पंजाब से आने लगे किसानों के जत्थे
26 जनवरी को होने वाली ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए राजस्थान व पंजाब से किसानों के जत्थे आने शुरू हो गए हैं। रविवार को राजस्थान के गंगानगर व पंजाब से करीब 50-50 किसानों के 3 जत्थे खेड़ा बार्डर पहुंचें। किसानों के जत्थों में महिला किसानों की संख्या अधिक हैं।
शाम को हाईवे पर लगता है लंबा जाम
हाईवे पर दिल्ली-जयपुर लेन को शाम को बंद कर दिया जाता है, जिससे धारूहेडा की ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है। वाहन चालकों को घंटों तक जाम में फंसा रहा पड़ता है। चालकों का कहना है कि पुलिस द्वारा जिस तरह से नाकाबंदी की गई है। उससे लगता है कि हाईवे पर किसान की बजाये पुलिस आंदोलन चल रहा है।
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