संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हरियाणा स्टेट पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड (एचएसपीसीबी) के ढुलमुल रवैये के कारण बावल और धारूहेड़ा के उद्यमी जहरीला कचरा जलाने से बाज नहीं आ रहे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद अब उद्यमियों ने रात के अंधेरे में ही कचरा जलाना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद भी एचएसपीसीबी के अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही। दूसरी ओर औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी संचालक पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर सजग दिखाई नहीं दे रहे।
बता दें कि औद्योगिक क्षेत्र में सैकड़ों छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां हैं, लेकिन उनसे निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। रात के अंधेरे में कंपनी के कर्मचारी मौका देखकर कूड़े को खुले में डालकर आग लगाकर भाग जाते हैं। उद्यमी प्लास्टिक, केमिकल, रबड़, चप्पल और जूते जला रहे हैं। वहीं प्रशासन और पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी इस बारे में कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर रहे। स्थानीय लोगों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से इस तरफ ध्यान देने की मांग की है।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम का असर नहीं
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उद्योगों पर वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए चिमनियों पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू किया है। जिसकी मॉनिटरिंग दिल्ली और चंडीगढ़ से होती है। इसके बाद वायु प्रदूषण पर रोक नहीं लग रही। बावल और धारूहेड़ा में कई उद्योग रात को और अलसुबह कजरा जलाते हैं। चिमनियों से निकलने वाले कार्बन वातावरण में ऑक्सीजन के साथ कार्बन मोनोक्साइड बना देते हैं। जो सांस लेने के लिए घातक है। बोर्ड के नियम के अनुसार काला धुआं चिमनियों से नहीं निकलना चाहिए। सफेद धुआं प्रदूषण न फैलाने की पहचान है।
आकेड़ा
और पातुहेड़ा में कारखानों में गला रहे लोहा
जानकारी के अनुसार धारूहेड़ा क्षेत्र के गांव आकेड़ा में कुछ कारखानों की भट्टियों में केमिकल और लोहा गलाया जाता है, जिससे निकलने वाला धुआं बेहद जहरीला होता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को भी कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं।
सीएम विंडो पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
गांव आकेड़ा निवासी राजबीर ने बताया कि उनके गांव के प्लांट में पत्थरों की पिसाई की जाती है, जिससे पत्थरों की धूल और ध़ुआं निकलता है। इससे आसपास के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई लोग बीमारी भी हो चुके हैं। कई बार सीएम विंडो पर शिकायत भी दी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। शिकायत के बाद अधिकारी यहां आते हैं, लेकिन बिना कार्रवाई के वापस चले जाते हैं।
सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की जाती है। वैसे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम की ओर से समय-समय पर रात को भी अभियान चलाया जाता है। प्रदूषण फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
-हरीश यादव, एसडीओ एचएसपीसीबी रेवाड़ी।