स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर को खुले में शौच मुक्त करने के लिए शौचालयों के लिए अलॉट की गई राशि में गोलमाल करने का मामला सामने आया है। वार्ड-9 के पार्षद मनीष चराया के नेतृत्व में मोहल्ला चौधरीवाड़ा के दर्जनों लोगों ने शुक्रवार को नप में पहुंचकर ईओ को ज्ञापन सौंपा।
लोगों का आरोप है कि नप कर्मचारियों ने सर्वे करने के बाद मनमानी से शौचालयों के लिए राशि आवंटित कर दी। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के घरों मेें पहले से ही शौचालय मौजूद थे, उन्हें तीन-तीन शौचालय के लिए राशि आवंटित कर दी। वहीं जिन घरों में एक भी शौचालय नहीं था, उनको दर किनार कर दिया गया। इससे लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। आरोप है कि मोहल्ले के 80 लोगों ने शौचालय के लिए आवेदन किया था,लेकिन महज 20 लोगों को ही शौचालय के लिए राशि आवंटित की गई।
मोहल्ला चौधरीवाड़ा निवासी रोहित, हन्नी, रामसिंह, नरेश कुमार, शंकर, होशियार सिंह, कपिल सैनी, चमेली देवी, नरेश कुमार, प्रकाश, लालचंद, श्यामलाल, धर्मेंद्र मोरवाल एवं हुकमचुंद ने बताया कि वे स्लम बस्ती में रह रहे हैं। उनके घरों में शौचालय नहीं है, इसके लिए नप की ओर से आवेदन मांगे गए थे।
इस पर बस्ती से करीब 80 लोगों ने अपने आवेदन दिए थे। वार्ड में सर्वे करने वाली टीम भी गई थी। लोगों ने आरोप लगाए कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से पूरा गोलमाल किया गया है। क्षेत्र के लोगों ने ईओ मनोज यादव से मामले कीजांच कर कार्रवाई के साथ जरूरतमंदों को शौचालय उपलब्ध कराने की मांग की।
वर्जन-मौहल्ला चौधरीवाड़ा में नप कर्मचारियों ने मिली भगत से मनमाने तरीके से शौचालय की राशि का आवंटन किया है। आवंटन राशि में भी पूरी तरह से गोलमाल हुआ है। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए ताकि जरूरतमंदों को शाौचालय मिल सके।
-मनीष चराया, नगर पार्षद वार्ड-3
मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच की कराई जाएगी। यदि कोई खामी हुई है तो कानून कार्रवाई की जाएगी। वहीं जरूरतमंदों को जरूर शौचालय के लिए राशि आवंटित कराई जाएगी।
-मनोज यादव, ईओ, नप रेवाड़ी।