संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। आचार्य विद्यासागर के शिष्य मुनि प्रणम्य सागर ने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ श्रेष्ठ संस्कार देना जरूरी है। विद्यालयों में खुशनुमा वातावरण जरूरी है। वह सोमवार को मुनि संघ सहित जैन पब्लिक स्कूल के ऑडिटोरियम में शिक्षकों व बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए ये बातें कहीं।
उन्होंने बच्चों को त्याग और धैर्य का मंत्र देने का आह्वान करते हुए खुशनुमा माहौल में शिक्षा देने का आह्वान किया। सभी को आपस में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अच्छे और सच्चे के चयन के लिए सही निर्णय, सही सोच व सही दृष्टिकोण आवश्यक है। अपना स्वार्थ छोड़कर पूर्ण समर्पण भाव से सबको साथ लेकर ही प्रगति की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़कर ही सामर्थ्यवान बना जा सकता है। विद्यालयों में खुशनुमा वातावरण जरूरी है। आंतरिक ऊर्जा के सही प्रयोग से जो खुशी मिलती है, वही प्रगति के मार्ग पर अग्रसर करती है।
उन्होंने भगवान राम का उदाहरण देते हुए कहा कि वन में रहकर अनेक परिस्थितियों में दुख सहते हुए भी वे कभी निराश व हताश नहीं हुए। अपने तप और धैर्य शक्ति से विजय प्राप्त की। ऐसे आदर्श महापुरुषों के संस्कारों को आचरण में लाना ही सच्ची सफलता है। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य छोटे-छोटे अहं से ग्रसित है जिसके कारण नकारात्मक सोच का शिकार है। उन्होंने बच्चों को आंतरिक खुशी की ओर ले जाकर मोबाइल का त्याग कराने एवं उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने पर बल दिया। उप प्रधानाचार्या विजय गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश जैन ने किया।
जैन समाज के लोगों ने किया स्वागत
विद्यालय के मीडिया प्रभारी गोपाल शर्मा ने बताया कि मुनि प्रणम्य सागर महाराज के विद्यालय में पधारने पर प्रबंधन समिति एवं जैन समाज की ओर से उनका स्वागत किया गया। संतोष जैन ऑडिटोरियम में मीनाक्षी जैन एवं सीमा जैन ने मंगलाचरण किया। जैन समाज के प्रधान महेंद्र जैन, उप प्रधान अरविंद जैन, सचिव हेमराज जैन, सह सचिव अजय जैन, कोषाध्यक्ष अजय जैन, जैन स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान प्रदीप जैन, उप प्रधान राकेश जैन, सचिव अमित जैन, प्रबंधक मोहित जैन, कोषाध्यक्ष सचिन जैन, सदस्य अनुज जैन, भारत जैन, प्रद्युम्न जैन, पूर्व प्रधान देवेंद्र जैन आदि ने भगवान महावीर के चित्र का अनावरण कर दीपार्चन किया। जैन समाज के साथ प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों मुनि सेवा संघ, विद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकों एवं दिल्ली तथा गुरुग्राम से आए श्रद्धालुओं ने मुनि के समक्ष श्रीफल अर्पित किया। समिति की ओर से उन्हें शास्त्र भेंट किए गए। प्रधानाचार्य सोनल छाबड़ा ने विद्यालय की प्रगति से अवगत कराया। शिक्षक सुनील जैन ने गुरुभक्ति का भजन गाया तो प्रबंधक मोहित जैन ने गुरु वंदना की।