रेवाड़ी। केएलपी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत सात दिवसीय कैंप के दूसरे दिन शुरुआत हवन के साथ आर्य समाज मंदिर बीकानेर में की गई। आर्य समाज मंदिर के जयप्रकाश आर्य और दयाराम आर्य ने स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। अतिथियों का स्वागत प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. पारुल मित्तल ने किया।
जयप्रकाश आर्य ने स्वयंसेवकों को अच्छे जीवन जीने के मूल सूत्र बताए। अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के कर्मों का फल मिलता है। यदि मानव अच्छे कर्म करता है तो वह इस जन्म के साथ अगले जन्म में भी सुख भोगेगा, लेकिन बुरे कर्म करेगा और जीवों की हिंसा, दूसरों को परेशान करेगा तो उसे अगले भव में नरक मिलेगा। पहले हमें यह समझना होगा कि मानव मूल्य होते क्या हैं। सत्य, ईमानदारी, आत्मनिर्भरता, निडरता, मानवता, प्रेम, भाईचारा, दृढ़ता इत्यादि मानव मूल्य हैं। ये ऐसे मूल्य हैं, जो हमें जीवन में सही प्रकार से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को अपने जीवन के अनुभवों से लाभान्वित किया। प्रोग्राम ऑफिसर महेंद्र सांभरिया और डॉ. रेखा शर्मा ने सभी का धन्यवाद किया।