रेवाड़ी। अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए गोतस्करों के हमले में गंभीर रूप से घायल होेने के उपरांत कोमा से भी लड़कर हरा देने वाले गांव चरखरी दादरी के रानीला निवासी स्पेशल पुलिस आफिसर राजेश कुमार की शनिवार को मौत हो गई। दादरी के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के उपरांत उनके शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
दिवंगत एसपीओ के साले सुनील ने बताया कि स्पेशल पुलिस आफिसर के तौर पर वर्ष 2018 की 23 मई को कोसली क्षेत्र के गांव गुगोढ के पास रात के समय उनकी नाके पर चेकिंग के दौरान ड्यूटी थी। इसी दौरान उन्होंने सामने से पिकअप वाहन में आ रहे गो-तस्करों को रुकने का इशारा किया। लेकिन वे रुके नहीं बल्कि उन्हें अपने वाहन के साथ काफी दूर तक घसीटते हुए ले गए। इस घटना के बाद एसपीओ राजेश कुमार को काफी चोटें आईं और वह कोमा में चले गए। चिकित्सकों के अनुसार इस दुर्घटना में उन्हें जो सिर में चोट लगी वह अत्यंत गंभीर थी। उन्हें उपचार के लिए रोहतक पीजीआई भी ले जाया गया था। इसी घटना में बहादुरी के लिए रेवाड़ी पुलिस प्रशासन द्वारा राजेश को सम्मानित भी किया गया था। इसके बाद बीती रात अचानक उन्हें दौरा आया और उन्हें दादरी सिविल अस्पताल पत्नी कविता पुत्र साहिल लेकर आए, लेकिन यहां उन्होंने दम तोड़ दिया। उपस्थित परिजनों व ग्रामीणों ने दिवंगत राजेश की बहादुरी व देश सेवा के जज्बे को देखते हुए प्रशासन के समक्ष उनके परिजनों को मुआवजा देने व पुत्र को राजकीय नौकरी की मांग उठाई है। इस दौरान राजेश, मास्टर पवन, सुनील, सोनू, दिनेश, मास्टर रत्न, सतबीर, बंसीलाल, जोरावर, दलबीर व संजय आदि ग्रामीण उपस्थित थे।