आंखें दान करने के लिए आवेदन पत्र भरते शिक्षक। स्रोत : शिक्षक
रेवाड़ी। जिले के तीन शिक्षकों ने दृष्टिहीनों की आंखों में उजाला करने के लिए नेत्रदान करने का संकल्प लिया है। इन शिक्षकों में मास्टर अशोक कुमार (बहरामपुर भड़ंगी), मास्टर गजेंद्र सिंह (नंगली गोधा) और मास्टर राकेश कुमार (नारायणपुर) शामिल हैं। तीनों अध्यापकों ने सिविल अस्पताल पहुंचकर अपनी आंखें दान करने का आवेदन पत्र भरा।
मास्टर राकेश कुमार ने बताया कि यह निर्णय तीनों ने स्वेच्छा से लिया है। उनका उद्देश्य है कि मृत्यु के बाद उनकी आंखें किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में उजाला लाए। उन्होंने कहा कि अंगदान विशेषकर नेत्रदान सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है, क्योंकि इससे किसी का जीवन बेहतर बन सकता है।