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Rewari News: हजारों मजदूरों और कर्मचारियों ने हड़ताल कर नेहरू पार्क में किया प्रदर्शन

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हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी। संवाद
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रेवाड़ी। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की तरफ से वीरवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की गई। हड़ताल का जिले में मिला-जुला असर देखने को मिला है। रोडवेज डिपो में बसों का परिचालन सामान्य रूप से जारी रहा और यात्रियों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। सुबह से ही बस स्टैंड पर यात्रियों की आवाजाही बनी रही।
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ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के अनुसार रोडवेज के लगभग सभी चालक-परिचालक और अन्य स्टाफ सदस्य अपनी-अपनी जिम्मेदारियों पर उपस्थित रहे। जहां कुछ यूनियन नेताओं ने चक्का जाम और व्यापक असर का दावा किया था वहीं जमीनी स्तर पर स्थिति सामान्य रही।
केंद्र एवं राज्य सरकार की कथित मजदूर, कर्मचारी विरोधी और कॉरपोरेट परस्त नीतियों के खिलाफ वीरवार को हजारों मजदूरों और कर्मचारियों ने हड़ताल कर नेहरू पार्क में प्रदर्शन किया।
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इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने शहर में जुलूस निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। यह हड़ताल देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, केंद्र व राज्य सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी संगठनों की फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर आयोजित की गई।
संगठन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड लागू किए हैं जो मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं।
उनका कहना था कि इन कोड्स से स्थायी नौकरी और रोजगार सुरक्षा कमजोर होगी और कार्यदिवस को 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे करने का प्रावधान श्रमिकों के लिए नुकसानदेह है। राज्य में 30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग अब तक स्वीकार न किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई।
प्रदर्शनकारियों ने बिजली बिल 2025, बीज बिल 2025 और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण का भी विरोध किया।

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एआईयूटीयूसी एवं उससे संबद्ध यूनियनों के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

रेवाड़ी। मजदूर, श्रमिक व कर्मचारी विरोधी बताए जा रहे चार लेबर कोड्स के खिलाफ एआईयूटीयूसी एवं उससे संबद्ध यूनियनों के कार्यकर्ताओं ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस पार्क से बस स्टैंड तक शहर में जोरदार किया।
हड़ताल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन, आशा कार्यकर्ता यूनियन, मिड डे मील कार्यकर्ता यूनियन, भवन निर्माण कारीगर मजदूर यूनियन, हरियाणा खेत मजदूर फेडरेशन सहित कई संगठनों ने भागीदारी की। सुबह 11 बजे प्रदर्शनकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में एकत्रित हुए। वहां नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सभा का आयोजन किया गया।
एआईयूटीयूसी के राज्य अध्यक्ष कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने चार लेबर कोड्स को श्रमिकों के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष से प्राप्त 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड लागू किए गए हैं जिससे मजदूरों की रोजगार सुरक्षा कमजोर हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रावधानों से यूनियन बनाने और आंदोलन करने के अधिकार सीमित होंगे और कार्यघंटों में वृद्धि से श्रमिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी, आशा व मिड-डे मील जैसी स्कीम वर्कर्स को न तो सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा है और न ही न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जा रहा है।
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एचएसईबी वर्कर यूनियन दो घंटे का दिया धरना
बावल। केंद्रीय परिषद के आह्वान पर एचएसईबी वर्कर यूनियन के कर्मचारियों ने एसडीओ विद्युत निगम कार्यालय के बाहर दो घंटे का धरना दिया। धरने की अध्यक्षता संजीव कुमार ने की।
संजीव कुमार ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, खाली पदों पर स्थायी भर्ती करने तथा अन्य लंबित मांगों को लेकर यह धरना आयोजित किया गया है। सरकार की नीतियां कर्मचारी विरोधी हैं जिससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी तेज किया जाएगा।

हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी। संवाद

हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी। संवाद

हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी। संवाद

हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी। संवाद

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