फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विचार प्रासंगिक : मनोज

Thu, 22 Jan 2026 11:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
विज्ञापन
स्कूल में बच्चों को जानकारी देते शिक्षक मनोज कुमार वशिष्ठ। स्रोत : स्कूल
विज्ञापन
रेवाड़ी। भाड़ावास गेट स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान के बारे में बताया गया। शिक्षक मनोज कुमार वशिष्ठ ने बताया कि सुभाष चंद्र बोस के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि नेता जी का जीवन संकल्प, त्याग और साधना प्रेरणादायक है। कल, आज और कल के परिप्रेक्ष्य में जब हम नेताजी को देखते हैं, तो पाते हैं कि वे केवल एक ऐतिहासिक चरित्र नहीं, बल्कि एक शाश्वत विचार हैं।
उन्होंने कहा कि नेताजी के जीवन की यात्रा 23 जनवरी 1897 को कटक (ओडिशा) से आरंभ हुई। रायबहादुर जानकीनाथ बोस और प्रभावती देवी के संस्कारों ने उन्हें बचपन से ही अनुशासित और वैचारिक रूप से प्रखर बनाया।
विज्ञापन

कटक के मिशनरी स्कूल से लेकर कलकत्ता विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र के सम्मानजनक अध्ययन तक, सुभाष ने हर जगह अपनी बौद्धिक श्रेष्ठता सिद्ध की।
नेताजी का व्यक्तित्व स्वामी विवेकानंद के आध्यात्मिक तेज और महर्षि अरबिंदो के उग्र राष्ट्रवाद के समन्वय से बना था। विवेकानंद से उन्होंने दृष्टिकोण की व्यापकता और भारतीय संस्कृति पर गर्व करना सीखा। उनका मानना था कि भारत का एक विशेष मिशन है, जिसे पूरा करने के लिए पूर्ण संप्रभुता अनिवार्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें