धारूहेड़ा। धारूहेड़ा प्रशासन की तरफ से नाला बंद करने के बाद से ही भिवाड़ी में हालात दिनों दिन खराब होते जा रहे हैं। आलम यह है कि भिवाड़ी में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक का दौर चल रहा है। भिवाड़ी प्रशासन ने कई कंपनियों को दूषित पानी छोड़ने के लिए नोटिस भी थमाया है। इसी क्रम में अब स्थायी समाधान के लिए 14 मार्च को हरियाणा और राजस्थान के अधिकारियों की बैठक होगी।
खैरथल (भिवाड़ी) जिला प्रभारी सचिव नकाते शिव प्रसाद मदान ने बताया कि 14 मार्च को जलभराव के समाधान के लिए राजस्थान और हरियाणा की संयुक्त बैठक होगी। इसी मुद्दे पर पिछले महीने दोनों राज्यों की पुलिस आपस में भिड़ चुकी है। ऐसे में अगर समाधान होता है तो दोनों ही क्षेत्रों के लोगों को काफी लाभ होगा।
धारूहेड़ा में हालात सामान्य, भिवाड़ी की बिगड़ी दशा : अभी धारूहेड़ा में हालात सामान्य हैं, लेकिन भिवाड़ी में स्थिति ठीक नहीं है। पैदल आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। भिवाड़ी में जलभराव से धारूहेड़ा में भी व्यापार प्रभावित हुआ है।
भिवाड़ी प्रशासन कंपनियों पर करेगा सख्त कार्रवाई
दूसरी तरफ भिवाड़ी प्रशासन ने सीईटीपी संचालित कर रही संस्थाओ को 10 मार्च तक आरओ प्लांट को एमओयू के अनुसार चलाने, अगले चरण में औद्योगिक इकाइयों को आरओ पानी सप्लाई लाइन से जोड़ना को कहा है। 30 मार्च तक सभी औद्योगिक इकाइयों को आरओ पानी सप्लाई करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एमओयू में पानी के पैरामीटर के अनुरूप एफ्लूएंट पानी को शोधित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने पर संस्थान पर कार्रवाई करने तक की बात कही है।
नवंबर 2023 में खोला गया था नाला
गौरतलब है कि पिछले वर्ष नवंबर के अंतिम सप्ताह में बाबा बालक नाथ रैंप तोड़ने के लिए बुलडोजर लेकर पहुंचे थे। रैंप तो नहीं तोड़ा गया, लेकिन नाला खोल दिया गया था। तभी से स्थिति खराब हो रही थी। अब नाला बंद है। दूसरी तरफ इस साल गंदे पानी के समाधान की उम्मीद है। ऐसा इसलिए क्योंकि अब राजस्थान व हरियाणा में भाजपा सरकार है।
मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।-कंवर सिंह, चेयरमैन, नगर पालिका धारूहेड़ा।