10 साल पहले कंडम घोषित हो चुके संघी का बास मोहल्ले के स्कूल में डर के साये में पढ़ रहे 48 बच्चे, अफसर मौन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। संघी का बास मोहल्ला स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर-2 का भवन 1964 में बना था। इसे कंडम घोषित हुए 10 साल से अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद यहां 48 बच्चे पढ़ते हैं। दूसरे भवन की व्यवस्था अभी तक नहीं हो सकी है। बारिश होते ही छुट्टी कर दी जाती है।
स्कूल में अभी तीन कमरों में पढ़ाई चल रही है। तीनों जर्जर अवस्था में हैं। जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ता रहता है, दरारें आ चुकी हैं। बारिश होने पर छत भी टपकती है। सिर्फ मिड डे मील और बच्चों के पीने के पानी की व्यवस्था ही ठीक है। शिक्षकों को हमेशा यही डर लगा रहता है कि कहीं बारिश की वजह से भवन गिर न जाए। छुट्टी करने से बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है। शिक्षक आते हैं, पढ़ाते हैं और इस अव्यवस्था को कोसते भी हैं। शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों के लिए किसी दूसरे भवन की व्यवस्था तक नहीं की जा सकी है। शिक्षक हर 6 महीने में पत्राचार के माध्यम से अफसरों को बताते हैं लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
वर्जन:
स्कूल में अभी 48 बच्चे पढ़ रहे हैं। हर 6 महीने में मौजूदा भवन की स्थिति के बारे में पत्राचार करते हैं। मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। उच्च अधिकारी क्या फैसला लेते हैं, उन पर निर्भर है।
सतीश कुमार, इंचार्ज, राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर 2
पहली बात यह है कि स्कूल कंडम घोषित है तो सबसे पहले इसे शिक्षा विभाग को खाली कराना चाहिए और सुरक्षित जगह पर बच्चों को शिफ्ट करना चाहिए जो कि नहीं किया गया। इसे लेकर मैं सरकार से बातचीत करूंगा और जो भी स्कूल मेरे विधानसभा क्षेत्र में आते हैं, जिनका भवन जर्जर है उसकी बात भी रखूंगा। बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। हमारी सरकार बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
लक्ष्मण सिंह यादव, विधायक, रेवाड़ी
प्राइमरी स्कूल का रिपोर्ट कार्ड:
विद्यार्थियों की संख्या 48
शिक्षकों के स्वीकृत पद 3
कार्यरत शिक्षक 3
कमरे 3
शौचालय 2
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राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर 2 का जर्जर भवन। संवाद- फोटो : संवाद
राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर 2 का जर्जर भवन। संवाद- फोटो : संवाद
राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर 2 का जर्जर भवन। संवाद- फोटो : संवाद