संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। प्राचीन सोलहाराही तालाब का सुंदरीकरण कार्य चल रहा है। काफी क्षेत्रफल में स्थित इस तालाब की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं। सुंदरीकरण कार्य में लगे मजदूर एक तरफ दीवार बना रहे हैं तो दूसरे हिस्से की दीवार गिर जा रही है। ऐसे में खुद की सुरक्षा के लिए मजदूरों को भी सावधानी पूर्वक कार्य करना पड़ रहा है।
प्राचीन सोलहाराही तालाब की नेहरू पार्क के साथ लगती दीवार का कुछ हिस्सा हाल ही में बरसात के कारण टूटकर ध्वस्त हो गया था। गनीमत यही थी कि उस समय मजदूर वहां पर कार्य नहीं कर रहे थे। कुछ समय पहले ही तालाब के दूसरे साइड की दीवार का कुछ हिस्सा टूट कर गिरा था। बार-बार दीवार गिरने के कारण मजदूर भी परेशान हैं। मजदूरों को हमेशा यही डर लगता है की कहीं कार्य करते वक्त दीवार उन पर ना गिर जाए। तालाब की तीनों तरफ से दीवारें झुक रही हैं। जब तालाब के सुंदरीकरण का कार्य शुरू हुआ था उस वक्त भी यही स्थिति बनी हुई थी। स्थानीय लोगों ने भी आशंका जताई थी की सबसे पहले दीवारों का हो रहा झुकाव ठीक होना चाहिए। मगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया और अब निर्माण के बाद दीवारों के हिस्से टूट कर गिर रहे हैं। सोलहाराही तालाब और बड़ा तालाब का 10 करोड़ से सुंदरीकरण किया जा रहा है।
बड़ा तालाब और सेक्टर-1 स्थित सोलहराही सरोवर के जीर्णोद्धार का कार्य जारी है। दोनों तालाबों में बने घाट, बावड़ियां व सीढ़ियों को संवारा जा रहा है। इन धरोहर को पुराने अस्तित्व में लौटाने के लिए यह कार्य इस साल पूरा होने की उम्मीद है। पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए इन तालाबों में भविष्य में नाव भी चलाई जा सकती है, क्योंकि इन सरोवरों की छठा देखते ही बनती है।
भविष्य में गिरी दीवार तो पैसों की होगी बर्बादी
अगर भविष्य में भी दीवार भरभरा कर गिरती है तो सबसे ज्यादा नुकसान पैसों का होगा। क्योंकि दीवारों को दुरुस्त करने के लिए कई महीनों का समय लगता है और जो मजदूरों की मेहनत लगती है वह अलग। दीवारों पर जिन पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह तालाब के ही पुराने पत्थर हैं। इन पत्थरों को जोड़ने के लिए भट्ठे से तैयार पकी हुई ईटों को पहले मशीन से पीसा जाता है। उसके बाद लेप तैयार होता है। उससे इन पत्थरों को जोड़ा जाता है।
दोनों तालाब जेएलएन से होंगे कनेक्ट
बड़ा तालाब ओर सोलहाराही तालाब को जेएनएन नहर से जोड़ा जाना है। इसके लिए जेएलएन नहर से लेकर इन दोनों तालाबों तक करीब 7.4 किमी. लंबी लाइन बिछाई जाएगी जो गढ़ी बोलनी रोड के साथ से होते हुए राजेश पायलट चौक, आईओसी चौक से राजीव गांधी चौक होते हुए तालाब तक बिछेगी। पाइप लाइन बिछाने के लिए 3.81 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सिंचाई विभाग की कंस्ट्रक्शन विंग की ओर से दोनों तालाबों में पानी से भरने का कार्य किया जाएगा। इन तालाबों के किनारे लाइट और फव्वारे लगाकर आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा।
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वर्जन:
सोलहराही और बड़ा तालाब को जेएलएन से जोड़ा जाएगा। इसके लिए 3 करोड़ 81 लाख रुपये खर्च होंगे। करीब साढ़े 7 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन जेएलएन तक बिछाई जाएगी। गढ़ी बोलनी रोड के साथ से होते हुए राजेश पायलट चौक, आईओसी चौक से राजीव गांधी चौक होते हुए तालाब तक बिछेगी।-संदीप यादव, एसडीओ, कंस्ट्रक्शन विंग सिंचाई विभाग रेवाड़ी।