रेवाड़ी। जिले में दो दिनों से सुबह का तापमान लगातार माइनस में दर्ज किया जा रहा है। सोमवार को न्यूनतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। तापमान गिरने और गलन भरी ठंड बढ़ने से जनजीवन अस्पव्यस्त हो गया है। वहीं पाला पड़ने से सरसों समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है।
सुबह के समय खेतों, वाहनों और खुले स्थानों पर पाले की सफेद परत नजर आ रही है। सोमवार को सुबह 9 बजे के बाद पूरे दिन धूप निकली लेकिन लोगों को गलन से राहत नहीं मिली। सर्द हवा के कारण दिनभर ठिठुरन बनी रही। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सोमवार को अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन इसके बावजूद सर्दी का असर कम नहीं हुआ। लगातार पड़ रही सर्दी और पाले का सीधा असर फसलों पर पड़ा है। सरसों, मटर और विभिन्न सब्जियों की फसलों को पाले से नुकसान पहुंचा है।
कई जगहों पर सरसों की पत्तियां झुलस गई हैं और पौधों की बढ़वार रुक गई है। सब्जियों की फसलों में भी पाले के कारण पत्ते मुरझाने लगे हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
किसान नेताओं ने पाले से भारी नुकसान की बात कही है। उनका कहना है कि यदि मौसम ऐसा ही रहा तो सरसों की फसल में करीब 50 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। कई किसान फसलों को बचाने के लिए रात में धुआं करने और हल्की सिंचाई जैसे उपाय अपना रहे हैं।
मौसम 16 जनवरी तक रहेगा शुष्क, पाले और धुंध के आसार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम अगले कुछ दिनों तक शुष्क रहने की संभावना है। 16 जनवरी तक उत्तर-पश्चिम की शीत हवाओं के असर से रात का तापमान हल्का कम रहेगा, जबकि दिन का तापमान थोड़ी बढ़ोतरी दिखा सकता है। इस दौरान दक्षिण और पश्चिमी हरियाणा के कुछ जिलों में पाले पड़ने की भी संभावना है। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में अलसुबह और देर रात हल्की से मध्यम धुंध देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 16 और 19 जनवरी को दो पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। इसके कारण 17 और 18 जनवरी को आंशिक बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। 19 जनवरी के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना बढ़ रही है, जिससे मौसम में सामान्य बदलाव देखने को मिल सकता है।
ठंड से बचने के उपाय
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव यादव ने बताया कि सर्दी के चलते गर्म कपड़े पहनें, टोपी, दस्ताने और मोजे जरूर लगाएं। गर्म पानी, सूप या चाय पीएं। हाथ, पैर और सिर को ढकें। घर में अलाव या हीटर का इस्तेमाल करें। बाहर निकलते समय सावधानी रखें। पर्याप्त पानी पीएं। हाथ साफ रखें और बीमारियों से बचें।
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वर्जन:
दो दिन बाद नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। किसानों को सलाह दी गई कि वे अपने खेतों में नमी बनाए रखें और हल्की सिंचाई करते रहें ताकि फसल को और नुकसान न हो।- डॉ. अनिल, कृषि अधिकारी।