बावल। बावल नगर पालिका चेयरमैन पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। पहली बार सीधे हो रहे चुनाव में उम्मीद की किस्मत का फैसला जाट व एससी वर्ग के मतदाताओं के हाथ रहेगा। क्योंकि पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने के चलते जाट समुदाय प्रत्याशी नहीं उतार सकेंगे, सैनी, गुर्जर व यादव समाज की ओर से प्रत्याशी उतारे जा सकते हैं। बता दें कि 13 वार्ड की बावल नगर पालिका में करीब 11 हजार मतदाता हैं। पार्षदों के लिए ड्रॉ पहले ही हो चुका है। बीते कार्यकाल में जाट समुदाय के अमर सिंह महलावत बावल नपा के चेयरमैन थे। लेकिन इस बार सीधे चुनाव होने के चलते मुकाबला कड़ा रहेगा, क्योंकि बीजेपी व जजपा की ओर से सिंबल पर नगर निकाय के चुनाव लड़े जा रहे हैं।
सीट जजपा या बीजेपी के खाते में इस पर संशय
भाजपा की ओर से नगर निकाय चुनाव सिंबल पर लड़े जा रहे हैं। रेवाड़ी नगर परिषद व धारूहेड़ा नगर पालिका चुनाव में भी भाजपा व जजपा की ओर से संयुक्त प्रत्याशी उतारे गए थे। रेवाड़ी सीट भाजपा व धारूहेड़ा जजपा के खाते में गई थी। कांग्रेस व अन्य पार्टियों की ओर से समर्थन में उम्मीदवार उतारे गए थे। ऐसे में बावल में जजपा व भाजपा के बीच प्रत्याशी को लेकर खींचतान रहेगी, यहां पर जजपा की ओर से प्रत्याशी उतारने के प्रयास किए जा सकते हैं। लेकिन बीते कार्यकाल में भाजपा समर्थित चेयरमैन रहा है। वहीं धारूहेड़ा में भी चेयरमैन पद के लिए चुनाव होने हैं, क्योंकि 10वीं कक्षा की फर्जी मार्कशीट मामले में चुनाव जीते कंवर सिंह यादव को चुनाव आयोग की ओर से अयोग्य करार दिया जा चुका है।