रेवाड़ी में फोटोग्राफर मोहन लाल हत्याकांड में पुलिस ने शूटर दीपक यादव को फर्जी सिम मुहैया कराने वाले शख्स को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के जिला अलवर के गांव राठनगर निवासी अखिल खान के रूप में हुई है। मोहन लाल को शूटर दीपक ने इसी फर्जी सिम कार्ड के जरिए कॉल कर फोटो खींचने के लिए बुलाया था। इसके बाद 2 गोली मारकर उसकी हत्याकर दी थी। सीआईए-1 की टीम ने आरोपी अखिल खान को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर भेजा गया है।
मोहनलाल की हत्या उसके ही दामाद रामजस ने 3 लाख रुपये की सुपारी देकर कराई थी। इसके बाद पुलिस ने शूटर दीपक को गिरफ्तार कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो सिम से लेकर दामाद द्वारा हत्या कराए जाने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने सिम मुहैया कराने वाले को भी गिरफ्तार कर लिया।
यह था मामला
रेवाड़ी जिले के गांव ढाणी सुंदरोज निवासी मोहनलाल (44) फिलहाल शहर के यादव नगर में परिवार के साथ रह रहे थे। उन्होंने घर के पास ही फोटो स्टूडियो खोला हुआ था। 7 नवंबर की देर शाम उसके पास एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने उसे फोटो खिंचवाने के लिए बुलाया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। उसी रात उसका शव गांव कालूवास के फ्लाईओवर के नीचे पड़ा मिला था।
उसके शरीर पर 2 गोलियां लगी हुई थीं। मामले की जांच एसपी दीपक सहारण ने सीआईए-1 इंचार्ज सुमेर सिंह की टीम को सौंपी थी। सुमेर सिंह की टीम ने जांच को आगे बढ़ाया तो सुराग हाथ लग गया। पुलिस को पता चला कि मोहनलाल की बेटी पति के साथ विवाद के चलते घर पर ही रहती है।
इसी विवाद के चलते हत्याकांड को अंजाम दिया गया। जांच को आगे बढ़ाया तो पता चला कि जिला अलवर के गांव इसरोधा निवासी दीपक की इस केस में भूमिका हो सकती है। पुलिस ने दीपक की लोकेशन ट्रैक कर उसे राजस्थान के भिवाड़ी से दबोच लिया। उससे पूछताछ की तो उन्होंने मोहनलाल की हत्या की बात कबूल कर ली।
साथ ही एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसकी मोहनलाल से कोई दुश्मनी नहीं थी, बल्कि मोहनलाल के दामाद रामजस ने उसे 3 लाख रुपये की सुपारी देकर ये हत्या कराई है। फिलहाल हत्या कराने वाला दामाद रामजस फरार है।