ग्रामीणों को नशे के खिलाफ जागरूक करती टीम। स्रोत : पुलिस
धारूहेड़ा। नशा मुक्ति टीम ने गांव कापड़ीवास और गढ़ी अलावलपुर में ग्रामीणों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। टीम ने एक नशा पीड़ित व्यक्ति को डी एडिक्शन सेंटर में भर्ती करवाया। साथ ही पीड़ित को इलाज के लिए प्रेरित किया। इस दौरान एएसआई जितेंद्र कुमार ने कहा कि नशे से पीड़ित व्यक्ति का जीवन बर्बाद हो जाता है।
नशा मुक्ति ने अब तक नशे से पीड़ित 258 लोगों की पहचान की है जो किसी न किसी प्रकार के नशे से पीड़ित हैं। इसके अलावा 75 नशा पीड़ितों का इलाज करवाया गया।
जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस और आमजन आपस में तालमेल के साथ कार्य करें तो नशे जैसी बुराई पर नियंत्रण पाया जा सकता है। नशा एक ऐसी बुराई है जिससे व्यक्ति का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले युवा पीढ़ी को नशे से बचाना होगा। युवाओं को शिक्षा और खेल गतिविधियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कई नशा ग्रस्त युवकों ने नशा छोड़ने की पहल भी की है।
उन्होंने कहा कि नशा एक अभिशाप है इसका मिलकर बहिष्कार करें। अगर आपके पास किसी प्रकार की नशे संबंधी सूचना है कोई व्यक्ति नशे का प्रयोग करता है या नशे की सप्लाई इत्यादि करता है तो पुलिस को हेल्पलाइन नंबर 1933 या 112 नंबर पर सूचित करें।