फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: औद्योगिक क्षेत्रों को रेवाड़ी शहर से जोड़ने वाली इंडस्ट्री बस सर्विस नहीं हो पाई शुरू

विज्ञापन
रेवाड़ी डिपो पर खड़ी बसें संवाद
विज्ञापन
रेवाड़ी। औद्योगिक क्षेत्रों को रेवाड़ी शहर से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण इंडस्ट्री बस सर्विस कोरोना महामारी के बाद से ही बंद है। यह बस सेवा हजारों श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए एक जीवनरेखा थी जो उन्हें रेवाड़ी से धारूहेड़ा, बावल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कंपनियों तक किफायती और सुविधाजनक तरीके से पहुंचाती थी।
विज्ञापन

सुबह और शाम के समय, ये बसें कर्मचारियों को समय पर कार्यस्थल तक पहुंचाने और वापस लाने में भूमिका निभाती थीं। इंडस्ट्री बस सर्विस में 2 बसें परिवहन विभाग की तरफ से लगाई गई थी जो रेवाड़ी बस स्टैंड से सुबह 5 बजे रवाना होती थी। पहले बावल चौक से होते हुए बावल रोड से बनीपुर चौक पहुंचती थी।
बावल चौक होते होते हुए पहला स्टॉप जिला सचिवालय, आईओसी चौक, चांदपुर की ढाणी, बिठवाना, कमालपुर, सुठाना-सुठानी, जलियावास और फिर बनीपुर चौक पर बस स्टॉप बनाया गया था। बस का किराया 5 से 10 रुपये निर्धारित किया गया था। 5:30 बजे बनीपुर चौक पहुंचने का समय निर्धारित किया गया था।
विज्ञापन

उसके बाद वहां ठहराव के बाद यह बस सर्विस को धारूहेड़ा इंडस्ट्री से जोड़ती थी जहां बड़ी संख्या में यात्री जाते थे। धारूहेड़ा से फिर बावल होते हुए बस को वापस रेवाड़ी लाया जाता था जहां इंडस्ट्री से वापस लोग रेवाड़ी या आसपास के गांवों के लिए बैठकर आते थे। ये बसें अलग-अलग समय पर चक्कर लगाती थी।

मासिक बजट पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ रहा

बस सर्विस के अभाव में कर्मचारियों को अब मजबूरी में अधिक किराए वाले ऑटो रिक्शा या अपने निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। बसों में दैनिक यात्री पास बनवाते थे जो उन्हें सस्ता पड़ता था लेकिन अब ऑटो में अधिक किराया देना पड़ रहा है। इससे एक आम कर्मचारी के मासिक बजट पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

निजी वाहन से इंडस्ट्री तक पहुंचना पड़ रहा
बस बंद होने के कारण कुछ कर्मचारी, जिनकी कंपनियों की बस सर्विस नहीं है, उन्हें अब निजी वाहन से इंडस्ट्री तक पहुंचना पड़ रहा है जिससे ईंधन और रखरखाव का खर्च भी उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा ले रहा है। केवल आर्थिक परेशानी ही नहीं, सुरक्षा का मुद्दा भी गंभीर हो गया है। विशेष रूप से महिला कर्मचारियों के लिए, यह बस सेवा अत्यंत सुरक्षित विकल्प थी। अब उन्हें निजी वाहनों या सार्वजनिक परिवहन के अभाव में असुरक्षित महसूस करना पड़ता है।
-

कुछ माह पहले जॉइन किया था। इस कारण पुरानी सर्विस के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। बसें बावल के लिए चलती हैं। बावल से धारूहेड़ा के लिए भी सर्विस उपलब्ध है। जैसी डिमांड आएगी उसी हिसाब से आगे कार्य किया जाएगा। -निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक, रेवाड़ी रोडवेज
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें