रेवाड़ी। मई के अंत तक नई पांच इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। लोग लंबे समय से नई इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। अभी जिले में पांच एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। नई बसों के शामिल होने के बाद बसों का बेड़ा और मजबूत होगा। करीब 10 बसें हो जाएंगी।
रोजाना सफर करने वाले लोगों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को इससे काफी फायदा होगा। नई बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी जिनमें आरामदायक सीटें, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और प्रदूषण मुक्त सफर शामिल है।
बसों के संचालन से पहले एक विभागीय कमेटी इनका निरीक्षण करेगी। इस दौरान तकनीकी गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और अन्य आवश्यक पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही इन्हें विभिन्न रूटों पर उतारा जाएगा। साथ ही बस निर्माण कंपनियों की ओर से अतिरिक्त बसें भी भेजी जाएंगी ताकि सेवा का विस्तार सुचारु रूप से किया जा सके।
इन शहरों में हो रहा बसों का संचालन
हरियाणा में सिटी बस सेवा की शुरुआत पंचकूला, हिसार, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत, करनाल, पानीपत, यमुनानगर और अंबाला जैसे शहरों में की गई थी। पिछले वर्ष इस योजना में कुरुक्षेत्र को भी शामिल किया गया जिससे इसका दायरा और बढ़ गया है। अब नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से इन शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।
रूट कवरेज भी होगा बेहतर
बसों की संख्या बढ़ने से रूट कवरेज भी बेहतर होगा और लंबे समय से चली आ रही परिवहन संबंधी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जहां एक ओर यात्रियों को सस्ता और सुविधाजनक सफर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। डीजल बसों के मुकाबले इलेक्ट्रिक बसें प्रदूषण को कम करती हैं जिससे शहरों में हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
90 गज जमीन पर बनेगा चार्जिंग पॉइंट
नए बस स्टैंड में 90 गज जमीन पर चार्जिंग पॉइंट बनेगा और तीन एकड़ जमीन पर स्टेशन होगा। यहां पर बनने वाली बिल्डिंग में 170 के लगभग चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे। चार्जिंग पॉइंट के लिए रैकनुमा मशीनें होंगी जिनको ऑन करने के बाद बसों को बिल्डिंग के बाहर खड़ी करके चार्ज किया जाएगा। इस पर 13 करोड़ 96 लाख रुपये खर्च होंगे। सेक्टर 12 में निर्धारित भूखंड पर नए बस स्टैंड के निर्माण कार्य को हरियाणा सरकार ने मंजूरी दे दी है। बस स्टैंड भवन और वर्कशॉप निर्माण के लिए 65 करोड़ 32 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।
सभी रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों को नहीं मिली सफलता
सभी रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों को समान सफलता नहीं मिली है। रोडवेज के अनुसार जनवरी में धारूहेड़ा रूट पर इलेक्ट्रिक बसों की शुरूआत की गई थी। यह सेवा कुछ समय तक चली लेकिन बाद में यात्री संख्या कम होने के कारण इसे बंद करना पड़ा। इसके विपरीत बावल रूट पर रोजाना बसें यात्रियों से भरी हुई चलती हैं।
इलेक्ट्रिक बसें जिले को मिलनी हैं। हालांकि, अभी तक बसों के आने की कोई पुख्ता तिथि तय नहीं की गई है।
- निरंजन शर्मा, जीएम रोडवेज, रेवाड़ी