कोसली। क्षेत्र में करीब 10 माह से अधिक समय से नई विद्युत लाइन खींचने के लिए खोदे गए गड्ढे स्थानीय लोगों और स्कूली बच्चों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा था। लोगों की समस्या को देखते हुए अमर उजाला में ''कोसली में वन विभाग से नहीं ली मंजूरी, 10 माह से अटका है कार्य'' शीर्षक से 6 दिसंबर को खबर प्रकाशित की गई थी। अब बिजली निगम ने कार्रवाई करते हुए दस माह पूर्व खोदे गए गड्ढों को न केवल भरवा दिया गया है, बल्कि आसपास रखे गए खंभों को भी हटवा दिया है। नागरिकों ने अमर उजाला को धन्यवाद किया है।
इस वर्ष जनवरी में बिजली निगम कोसली ने गुड़ियानी की तरफ एक नई विद्युत लाइन खींचने का ठेका एक ठेकेदार को दिया था। यह नई लाइन सड़क के समानांतर लगाई जानी थी। इस दौरान रास्ते में वन विभाग के कई पेड़ आ रहे थे, जिसके लिए नियमानुसार वन विभाग से नई लाइन को खींचने से पहले अनुमति लेनी अनिवार्य थी। इसके बावजूद विभाग के ठेकेदार ने बिना अनुमति के ही नई लाइन खीचने के लिए साइट पर खंभे डालकर गड्ढे खोद दिए। इस दौरान वन विभाग ने इस कार्य को रुकवा दिया और निगम का ठेकेदार खोदे गड्ढे व खंभे साइट पर ही छोड़कर चला गया।
विद्यार्थियों को आने-जाने में होती थी परेशानी
नई लाइन खींचने के लिए निगम कार्यालय के बाहर भी खोदे गए गड्ढे के कारण लोग इसमें गिरकर घायल हो रहे थे। इस विषय में कार्यकारी अभियंता कार्यालय के ड्राफ्ट्समैन विक्रम यादव ने बताया कि उन्होंने सभी गड्ढों भरवा दिया है। साथ ही साइट पर पड़े खंभों को भी वहां से हटवा दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गलती ठेकेदार की वजह से हुई थी। अगर पहले ही मंजूरी ले ली गई होती तो लोगों को लंबे समय तक समस्या नहीं होती। विभाग को इस मामले में ठोस कदम उठाने चाहिए।
कोट
नई विद्युत लाइन के लिए खोदे गड्ढों को भरवा दिया गया है। साथ ही यहां आसपास रखे खंभों को भी हटवा दिया गया है।
-हर्ष कुमार, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम