रेवाड़ी। आबोहवा खराब होने के साथ ही लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। प्रदूषण के कारण सांस लेने में दिक्कत के चलते 50 फीसदी लोगों ने सुबह सैर करना छोड़ दिया है। शनिवार को पूरे दिन एक्यूआई 261 रहा।
प्रदूषण के चलते अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। वहीं लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। अस्पताल में पहुंचने वाले श्वांसरोगियों को चिकित्सक प्रदूषित वातावरण में घर रहने का सुझाव दे रहे हैं। यही वजह है को प्रदूषण के चलते सुबह और शाम पार्कों में सैर करने वाले लोगों में 50 फीसदी की कमी आई है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर यह प्रतिशत बढ़ सकता है। प्रदूषण के चलते लोग खांसी और कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
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चिकित्सकों का कहना है कि सुबह के समय हवा में धूल के कण जमीन के नजदीक होते हैं। उस समय हवा भी नहीं चल रही होती है जिससे सैर करने निकलने लोगों के अंदर हवा के माध्यम से यह सूक्ष्म कण अंदर प्रवेश कर जाते हैं। इसके चलते सांस लेने में परेेशानी होती है। इसी प्रकाश शाम को भी प्रदूषण का स्तर अधिक रहता है। यही वजह है कि शाम के 6-7 बजे के बाद स्मॉग छा जा रहा है। ऐसे में सुबह और रात में भोजन करने के बाद टहलना खतरनाक साबित हो सकता है।
वायु प्रदूषण अधिक होने पर बच्चे व बुजुर्ग सुबह घर में ही रहें। विशेषकर दमा के मरीज घर पर ही रहें। घर से निकलें तो मास्क जरूर लगाएं। जितना बचाव करेंगे, उतना अच्छा रहेगा।-डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन।