रेवाड़ी। शहर में इन दिनों चरमराई सफाई व्यवस्था से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के अधिकतर काॅलोनियों, गलियों, वार्डों और सड़कों के किनारे लगे कूड़े के ढेर नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।
बता दें कि शहर में तीन सौ सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन शहर की करीब तीन लाख आबादी को देखते हुए कर्मचारियों की संख्या काफी कम है। बताया जाता है कि शहर में 900 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। इसके चलते नगर के अधिकतर वार्डाें में जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे हैं। कई जगह तो कूड़े डंप हैं। नगर के कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जिनमें सफाई व्यवस्था पूरी तरह दम तोड़ चुकी है।
राजेश, हरि, मुकेश, बिट्टू, अनिल आदि का कहना है कि यह समस्या यहां पर बनी रहती है। सफाईकर्मियों की कार्यशैली भी कूड़े, कचरे के उठान में बहुत बड़ी बाधक बनी हुई है। इसके कारण शहर के अधिकांश क्षेत्रों में कूड़े का ढेर सड़क किनारे लगा रहता है। कूड़ा निस्तारित नहीं होने से दुर्गंध उठती है। बीमारी फैलने का भी डर बना रहता है। लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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क्या कहना हैं लोग
शहर में सफाई व्यवस्था खराब है। एडीसी के पास अब नगर परिषद के नगरायुक्त का चार्ज है तो उन्हें भी इस पर ध्यान देना चाहिए। कर्मचारियों की कमी को पूरा करना चाहिए।- राकेश कुमार भार्गव, स्थानीय
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शहर में सफाई व्यवस्था की हालत दयनीय होती चली जा रही है। इसके बावजूद भी नगर परिषद द्वारा इस पर थोड़ा भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जल्द व्यवस्था ठीक हो।- धर्मबीर पोसवाल, स्थानीय
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संसाधनों की कमी है। कर्मचारी भी आबादी को देखते हुए पूरे नहीं है। इससे समस्या आ रही है। जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए प्रशासन से मांग की गई है।- महेंद्र सिंह चावरियां, प्रधान नगर पालिका कर्मचारी संघ
शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है। लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। घर के आसपास और सड़कों पर कूड़ा न फेकें।- प्रियंका यादव, ब्रांड एंबेसडर, स्वच्छता अभियान
वर्जन:
यदि शहर के आसपास कूड़े के ढेर लगे हैं तो जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।- पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद