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Rewari News: पैसों से जुड़े लेनदेन में हत्या कर फेंका था युवती का शव

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रेवाड़ी। गांव बिहारीपुर में शनिवार को मिले 25 वर्षीय युवती के शव की शिनाख्त हंसनगर कॉलोनी निवासी सविता के रूप में हुई है। सविता का जिस हालत में शव मिला था, हत्या की आशंका जताई जा रही थी। बताया जा रहा है कि सविता के साथ काम करने वाले कंपनी के ही एक युवक ने उसकी गला घोंटकर हत्या की और शव फेंका था। पूरा मामला पैसों के लेनदेन से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने भिवानी के रहने वाले अरुण व अन्य पर अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है।
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रामपुरा के थाना प्रभारी मुकेश ने बताया कि मूल रूप से राजस्थान के जिला अलवर की रहने वाली सविता शादीशुदा थी। वह रेवाड़ी में एक हर्बल उत्पाद बनाने वाली कंपनी में काम करती थी। भिवानी का रहने वाला अरुण भी इसी कंपनी में काम करता था। अरुण ने बिजनेस करने के नाम पर सविता से कुछ महीने पहले एक लाख रुपये उधार लिए थे। बताया जा रहा है कि अरुण ने सविता को पैसे देने के बहाने बुलाया। उसके बाद गला घोंटकर हत्या कर दी। शनिवार को सविता का शव बिहारीपुर गांव में संदिग्ध हालात में मिला था। कुत्ते उसके शव को नोंच रहे थे।
सविता ने हत्या के दिन जताई थी अनहोनी की आशंका

सविता के पति के दोस्त नरेंद्र ने पुलिस को बताया है कि सविता का उसके पास फोन आया था। सविता ने कहा था कि वह अपनी लोकेशन भेज रही है, वह यहां तुरंत पहुंच जाएं। लोकेशन मिलने के 5 मिनट में नरेंद्र वहां पहुंच गया था। नरेंद्र के मुताबिक, जब वह मौके पर पहुंचा तो वहां पर सविता नहीं मिली। नरेंद्र ने फोन किया तो काफी देर बाद सविता ने फोन उठाया। सविता के चिल्लाने की आवाज आ रही थी। सविता बार-बार किसी अरुण का नाम ले रही थी।
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डायल 112 पर 20 मिनट बाद मिली प्रतिक्रिया

नरेंद्र का आरोप है कि अनहोनी की आशंका देखते हुए फोन काटने के बाद उसने डायल 112 पर तुरंत फोन किया। 20 मिनट तक किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिली। उसने पुलिस को बताया कि लड़की मुसीबत में है। उसकी लोकेशन निकाल कर तुरंत वहां पर पहुंचा जाए तो लड़की को बचाया जा सकता है। आरोप है कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई नहीं की।
परिजन बोले-पुलिस कार्रवाई करती तो बच सकती थी जान

परिजनों का कहना है कि सविता का फोन घटना के 20 मिनट बाद बंद हुआ था। अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो सविता को बचाया जा सकता था। नरेंद्र का आरोप है कि जब कार्रवाई के लिए थाने में गए तो वहां पर भी काफी लेटलतीफी की गई। सविता का फोन फिर से ऑन हुआ था, फिर भी कुछ नहीं किया गया।
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फिलहाल मामले में जांच पड़ताल की जा रही है। अरुण व अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

-मुकेश, थाना प्रभारी रामपुरा
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