संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। निजी स्कूल की एक छात्रा ओनिका के दूसरे स्कूल में दाखिला लेने के बाद पुराने स्कूल की ओर से टीसी व एसएलसी व 10वीं कक्षा का अंकपत्र देने से इंकार कर दिया। मामले में अधिवक्ता ने सिविल जज की अदालत में वाद दाखिल किया। अदालत के आदेश पर भी स्कूल ने एसएलसी नहीं दी तो अवमानना का वाद दाखिल किया गया। इसके बाद स्कूल ने छात्रा को एसएलसी व अन्य दस्तावेज मुहैया कराया।
एडवोकेट कैलाश चंद ने बताया कि छात्रा ओनिका ने निजी स्कूल से 10वीं कक्षा पास की है। उसने प्रिंसिपल को बताया कि वह दूसरे स्कूल में दाखिला लेना चाहती है। इसके लिए उसने टीसी व एसएलसी की मांग की। इस पर प्रिंसिपल ने कहा कि बोर्ड का अंकपत्र आने पर देंगे। स्कूल प्रशासन ने दस्तावेज देने से इंकार कर दिया और अमान्य मदों में फीस की मांग की। छात्रा ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की, मगर समस्या दूर नहीं हुई। इसके बाद छात्रा ने एडवोकेट कैलाश चंद के माध्यम से सिविल जर्ज बेनिका की अदालत में वाद दायर किया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद स्कूल को टीसी व एसएलसी और दसवीं का अंकपत्र वादी को देने का आदेश दिया। इसके बाद भी स्कूल ने वादी को दस्तावेज देने से इंकार कर दिया। इसके बाद अधिवक्ता कैलाश चंद के माध्यम से वादी ने स्कूल के खिलाफ अदालत की अवमानना का वाद दायर किया। मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान स्कूल ने वादी के सभी दस्तावेज अदालत में सुपुर्द कर दिए।