रेवाड़ी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने एक उच्चस्तरीय टीम के साथ वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अंतर्गत विकसित हो रहे प्रमुख गति शक्ति मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनलों का रेलकार के माध्यम से स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने टर्मिनलों और कॉरिडोर सेक्शनों की स्थिति, प्रगति एवं विकास कार्यों का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने जीसीटी ऑपरेटरों के साथ बातचीत कर निर्माण प्रगति, अवसंरचना की तत्परता, परिचालन की तैयारी तथा शीघ्र शुरुआत के लिए आवश्यक सहयोग और संसाधनों की समीक्षा की।
प्रवीण कुमार ने विभिन्न स्थानों पर प्रस्तावित गति शक्ति टर्मिनलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योगों, निर्यातकों और व्यापारियों के लिए निर्बाध लॉजिस्टिक्स सेवाएं सुनिश्चित करने हेतु तकनीकी, प्रशासनिक और समन्वय संबंधी मुद्दों का समयबद्ध समाधान करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान हरियाणा के न्यू धारूहेड़ा एवं न्यू ताऊरू के बीच सालारपुर औद्योगिक क्षेत्र के निकट प्रस्तावित नए स्टेशन, न्यू रेवाड़ी और राजस्थान के न्यू मलिकपुर और न्यू साखुन स्थित गति शक्ति टर्मिनलों के शीघ्र कमीशनिंग पर विशेष जोर दिया गया।
सड़क-रेल संपर्क और मौजूदा रेलवे अवसंरचना के साथ एकीकरण की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन टर्मिनलों के जल्द चालू होने से मल्टीमॉडल एकीकरण में उल्लेखनीय सुधार होगा, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी। परिवहन में लगने वाला समय कम होगा।
अधिकारियों ने बताया कि इन टर्मिनलों का शीघ्र कमीशनिंग मल्टीमॉडल एकीकरण को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करेगा, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी लाएगा, परिवहन समय को घटाएगा और गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों के माध्यम से और ट्रक्स ऑन ट्रेन एवं हाई-स्पीड स्मॉल कार्गो जैसी नवोन्मेषी सेवाओं द्वारा रेलवे की मोडल हिस्सेदारी में वृद्धि करेगा। इससे घरेलू व्यापार को मजबूती मिलेगी।