रेवाड़ी। गांव बलवाड़ी में मंदिर में प्रवेेश से रोकने के मामूली विवाद को लेकर धुलेंडी पर्व पर दो पक्षों में विवाद हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर कुछ लोगों ने पथराव करते हुए गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को काबू किया है।
वहीं दूसरी ओर पकड़े गए ग्रामीणों को निर्दोष बताते हुए ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को एसपी से मिला। ग्रामीणों का कहना है कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी फरार हैं। पकड़े गए ग्रामीणों का इस घटना से कोई वास्ता नहीं है।
जानकारी के मुताबिक गांव बलवाड़ी में बाबा सीताराम मंदिर के अंदर नगाड़ा ले जाने को लेकर सोमवार दोपहर को ग्रामीणों और पुजारी के समर्थकों के बीच विवाद हो गया। सूचना पर पहुंचे खोल थाना एसएचओ पवन कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कुछ लोगों ने हमला बोल दिया।
सूचना के बाद पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू किया। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छह आरोपियों को काबू कर लिया है। एसएचओ खोल पवन कुमार ने बताया कि विवाद के दौरान ग्रामीणों को समझाने पहुंची पुलिस टीम पर भी कुछ ग्रामीणों ने हमला कर दिया था, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इनमें से छह आरोपियों को काबू किया गया है।
मंदिरों में मेले के आयोजन पर लगाई गई थी रोक
कोरोना संक्रमण के कारण जिलाधीश यशेंद्र सिंह की ओर से धुलेंडी पर जिले के मंदिरों में मेले के आयोजन पर रोक लगाई गई थी। वहीं, गांव बलवाड़ी के ग्रामीण वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार नगाड़ा लेकर बाबा सीताराम मंदिर में पहुंचे थे।
ग्रामीण नगाड़ा बजाते हुए मंदिर की परिक्रमा लगाते हैं। उधर, कोरोना गाइडलाइन के कारण महंत मुनेश्वर दास ने ग्रामीणों से नगाड़ा लेकर मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया। इसको लेकर ग्रामीणों और मंदिर में मौजूद महंत के समर्थकों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस पर भी पथराव हुआ, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी को चोटें भी आई हैं। साथ ही एसएचओ की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हुई है।