रेवाड़ी। बेसहारा पशुओं को पकड़कर उन्हें गोशालाओं में आश्रय देने के लिए नगर परिषद की ओर से अबतक दो बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है लेकिन टेंडर सफल नहीं हो पाए। ऐसे में शहरवासियों को फिलहाल लावारिस पशुओं से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। हंसनगर में लावारिस गाय के हमले से महिला की मौत के बाद लोग लावारिस पशुओं को पकड़ने की मांग करने लगे हैं।
नगर परिषद की ओर से लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए पहली बार लगाए गए टेंडर में एक ही फर्म ने दो बिड लगाए थे जिसकी शिकायत पर टेंडर रद्द कर दिया गया था। इसके बाद फिर टेंडर आमंत्रित किया गया लेकिन इस बार भी कोई एजेंसी आगे नहीं आई।
पूर्व में एक एजेंसी ने बेसहारा पशुओं को पकड़ने का कार्य किया था। उस समय कई बार शिकायतें दर्ज हुईं थी। शिकायतों के चलते भुगतान प्रक्रिया रोक दी गई थी जिससे संबंधित एजेंसी को परेशानी का सामना करना पड़ा।
भुगतान लटकने के कारण एजेंसियों को अपने मैनपावर, वाहन और अन्य संसाधनों की अदायगी समय पर करने में दिक्कत आई। इसी के चलते अब एजेंसियां रेवाड़ी में टेंडर भरने को तैयार नहीं हैं।
पशुपालकों को दोबारा नोटिस होंगे जारी
नगर परिषद ने लावारिस पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए पशुपालकों पर सख्ती करने का फैसला लिया है। नगर परिषद ने पशुओं को छोड़ने वाले पशुपालकों को दोबार नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी जाएगी। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें पशुपालकों और आम नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है।
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गाय के हमले से महिला की हो चुकी है मौत
रेवाड़ी शहर में सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशु आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं। खासकर रात के समय और व्यस्त मार्गों पर इनकी मौजूदगी से वाहन चालकों को जोखिम उठाना पड़ता है। हाल ही में हंस नगर निवासी 60 वर्षीय कृष्णा की गाय के हमले में मौत हो गई। कृष्णा अपने घर के बाहर खड़ी थीं। इसी दौरान अचानक एक गाय ने उन पर हमला कर दिया था। गाय ने काफी देर तक उन्हें पैरों से कुचला। इलाज के दौरान बुधवार की शाम उनकी मौत हो गई।
वर्जन
नगर परिषद ने पशुओं को पकड़ने के लिए 2 बार टेंडर जारी किए। पहली बार टेंडर में एक फर्म द्वारा दो बिड लगाने की शिकायत आई थी। इससे टेंडर रद्द करना पड़ा। दोबारा टेंडर आमंत्रित किया गया है। इस बार भी कोई एजेंसी आगे नहीं आई है। फिलहाल कोशिश की जा रही है।-सुशील भुक्कल, ईओ, नगर परिषद रेवाड़ी।
सेक्टर एक में घूम रहे बेसहारा पशु। संवाद