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10 बसों में सवार होकर केरल से पहुंचे 500 किसान

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रेवाड़ी। राजस्थान व गुजरात के बाद केरल- महाराष्ट्र के किसान भी दिल्ली-जयपुर हाईवे 48 के खेड़ा बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ 13 दिसंबर से चल रहे धरने पर पहुंचने शुरू हो गए हैं। बुधवार को 10 बसों में सवार होकर 3000 किमी. दूर करीब 500 केेरल के किसान खेड़ा बॉर्डर पहुंचे और तीन दिन बाद 23 जनवरी तक दो हजार और किसान पहुंचने हैं। केरल से पहुंचे किसानों ने कहा कि दूसरा जत्था भी निकल चुका है। बता दें कि शुरुआती दिनों में खेड़ा बॉर्डर पर राजस्थान के हनुमानगढ़ सहित अनेक जिलों से आए किसान डेरा डाले हुए हैं। 26 जनवरी के कूच को देखते हुए धरना स्थल पर लगातार किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। करीब तीन किमी. में किसान हाईवे पर कड़ाके की ठंड के बीच टेंट लगाकर बैठे हुए हैं।
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पंजाब का नहीं पूरे देश का आंदोलन यहां आकर देखे सरकार : सांसद
केरल से राज्यसभा सांसद केके रागेश उन सांसदों में शामिल हैं जो कानूनों का विरोध करने पर संसद में निलंबित कर दिए गए थे। बुधवार को सांसद केके रागेश खेडा बॉर्डर पर किसानों का समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि विरोध केवल पंजाब व हरियाणा किसान कर रहे हैं, उनको खेड़ा बॉर्डर पर आकर देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन उत्तर से लेकर दक्षिण तक फैल चुका है, सरकार को मनमानी करने की बजाय किसानों की मांग पर तुरंत कानूनों को रद्द करना चाहिए।
भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बता रहे कानूूनों का लाभ
किसानों की ओर से कानूनों का रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। किसान संगठन कानूनों से होने वाले नुकसान को बताने के लिए गांव-गांव पहुंच रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर भाजपा की ओर से 20 से 27 जनवरी तक घर-घर जाकर लोगों को कृषि कानूनों के लाभ बताने के लिए टीमों का गठन किया जा रहा है। रेवाड़ी भाजपा जिलाध्यक्ष हुकमचंद यादव ने कहा कि प्रदेश संगठन की ओर से इसके आदेश मिले हैं। उनके कहने पर रेवाड़ी में यह अभियान शुरू कर दिया गया है।
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