संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में आवेदन के लिए 72 घंटे खत्म होने के बावजूद मंगलवार को भी काउंटरों पर किसानों की लंबी लाइन लग गई। लेकिन आवेदन करने की तिथि निकल जाने की वजह से कृषि विभाग के अधिकारियों ने आवेदन लेने से इंकार कर दिया। इसी के चलते किसानों ने कार्यालय में जमकर हंगामा किया। इसके बाद अधिकारियों ने किसानों को समझाया और उनके आवेदन लेने शुरू किए।
मंगलवार को 250 से ज्यादा किसानों ने फसल मुआवजा के लिए आवेदन किया। अब बुधवार से विभाग की सर्वे टीम खेतों में सर्वे करना शुरु कर देगी। इसके लिए कृषि विकास अधिकारियों के क्षेत्र में अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। जिनमें अधिकारियों, के साथ बीमा कंपनियों के कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा।
बता दें कि बारिश व ओलावृष्टि से जिले में सरसों व गेहूं की फसलों में 60 फीसदी से ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। हालांकि कृषि अधिकारियों का 40 से 50 फीसदी नुकसान का अनुमान है। किसानों का कहना है कि अब सरसों के दाने काले पड़ जाएंगे। क्वालिटी भी खराब होगी। गांव गेेलियाकी, मालाहेड़ा, ढकिया, ततारपुर खालसा, कापड़ीवास, मालपुरा, बावल ब्लॉक के गांवों के साथ ही नांधा, बलवाड़ी, जैनाबाद, निमोठ, चिल्हड़, धनोरा सहित अन्य गांवों में नुकसान है।
मुआवजा के लिए आवेदन लेने की अंतिम तिथि सोमवार को ही खत्म हो चुकी थी लेकिन कुछ किसान काफी दूर से आए थे तो उनके भी आवेदन ले लिए गए। इसके लिए सरकार द्वारा 72 घंटे निर्धारित किए हुए हैं, उसके बाद आवेदन नहीं लिए जाते। बुधवार से टीमें सर्वे करना शुरू कर देंगी।
- डॉ. दीपक यादव, एसडीओ रेवाड़ी।