संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने का कारण जानने के लिए शिक्षक अब सर्वे करेंगे। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। दाखिला बढ़ाने के लिए अब शिक्षकों को घर-घर जाकर जानकारियां जुटानी होंगी। पढ़ाई के बीच स्कूल छोड़ने वाले बच्चों का रिकॉर्ड तैयार करना होगा।
शिक्षा विभाग की ओर से प्रवेश उत्सव और घर-घर सर्वे कराने के बाद अब दाखिले की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। राजकीय विद्यालयों लक्ष्य से कम बच्चों का दाखिला होना शिक्षकों के साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। नए सत्र 2024-2025 में जिले के सरकारी विद्यालयों में 71727 नए दाखिले करने का लक्ष्य दिया गया था। अभी तक सरकारी विद्यालयों में 56245 नए विद्यार्थियों के ही दाखिले हो सके हैं। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी बार-बार शिक्षकों की बैठक लेकर दाखिलों की समीक्षा कर रहे हैं। ताकि कम छात्र संख्या होने का कारण जाना सके।
स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए अब शिक्षक सर्वे करेंगे। शिक्षक गांवों में जाकर आयु के हिसाब से बच्चों के बारे में जानकारी लेंगे। कौन सा बच्चा कहां पढ़ रहा है, उसकी रिपोर्ट तैयार करेंगे। जिन बच्चों का दाखिला नहीं हुआ है, उनका दाखिला सरकारी स्कूल में करवाया जाएगा। विद्यालय न जाने वाले बच्चों के दाखिले भी जल्द करवाने को कहा है, ताकि नामांकन बढ़ाया जा सके। जिन बच्चों का ऑफलाइन दाखिला किया गया है, उनका विवरण एमआईएस पोर्टल पर भरा जाएगा। इससे पता चल सकेगा कि कितने नामांकन हुए हैं। निजी स्कूलों के बच्चों को भी विभागीय सुविधाओं की जानकारी देकर उन्हें सरकारी स्कूलों में लाने का प्रयास किया जाएगा।
वर्जन
विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर और गांव में विभाग की टीम डोर-टू डोर जाकर अभिभावकों को सरकारी विद्यालय में बच्चों का दाखिला कराने के लिए जागरूक कर रही है। पिछले वर्ष के मुकाबले छात्र संख्या बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।-कपिल पूनिया, डीईईओ रेवाड़ी।
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2017 से 2024 तक विद्यार्थियों की संख्या
वर्ष संख्या
सत्र 2017-18 65 हजार
सत्र 2019-20 62 हजार
सत्र 2020- 21 63 हजार
सत्र 2021-22 72286
सत्र 2022-23 71737
सत्र 2023-24 60552
सत्र 2024-25 56245 ( 20 जून तक)