रेवाड़ी। राज्य शिक्षक अवॉर्ड- 2020 के तहत नामों की घोषणा कोरोना के चलते देरी से ही सही, वीरवार को कर दी गई। प्रदेश के कुल 44 शिक्षकों को इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इसमें जिले के 9 शिक्षक शामिल हैं।
जिले के ततारपुर इस्तमुरार के प्रिंसिपल सहित तीन शिक्षकों को यह पुरस्कार शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को दिया जाएगा। इसके तहत उन्हें नकद राशि 21 हजार रुपये, सिल्वर मेडल, एक शॉल, 60 साल की उम्र तक दो साल का सेवा विस्तार व दो अग्रिम इंक्रीमेंट का लाभ दिया जाएगा। जिले से चयनित होने वाले शिक्षकों में ततारपुर इस्तमुरार जीएमएसएसएस के प्रिंसिपल धर्मवीर, पीजीटी राजनीतिक विज्ञान अजीत सिंह व हेड मास्टर सुरेंद्र सिंह ने जगह बनाई है। वहीं इनके अलावा जीएमएस राजपुरा इस्तमुरार की हेड मिस्ट्रेस संतोश कुमारी, जीएचएस कसौला की हेड मिस्ट्रेस शोभारानी भारद्वाज, जीएसएसस कापड़ीवास टीजीटी मैथ अनिल कुमार, जीएसएस खोरी के पीजीटी रसायन विज्ञान के सत्यवीर नाहड़िया, जीपीएस अलावलपुर के प्राइमरी टीचर मंजीत कुमार व जीएसएस मसानी के टीजीटी अंग्रेजी अध्यापक को नितिन यादव को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
धर्मवीर सिंह : प्राइवेट स्कूलों को भी पछाड़ने का मिला इनाम
वर्ष 2012 में ततारपुर इस्तमुरार स्कूल का जिम्मा संभालने के बाद स्कूल में सुधार की प्रक्रिया शुरू हो गई। सबसे पहले बैठक कर सभी शिक्षकों को अपने बच्चे सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाने को लिए कहा। इसके बाद शैक्षणिक क्षेत्र में बिना कोचिंग के जहां एक बेटी ने नीट सफलता हासिल की, वहीं स्पोर्ट्स में विद्यार्थियों ने नेशनल तक दम दिखाया। डांस, साइंस एग्जीबिशन सहित अन्य क्रियाकलापों में बच्चों का खुद नेतृत्व किया और प्रदेश स्तर पर प्रथम व दूूसरे स्थान प्राप्त किए। मूल रूप से महेंद्रगढ़ जिले के ककराला निवसी धर्मवीर बताते हैं कि शुरुआत में लोग नया करने पर हंसते हैं। लेकिन बाद में वहीं लोग अनुसरण करने लग जाते हैं। इसी का परिणाम है कि एक नहीं तीन अवॉर्ड स्कूल को मिले हैं।
संतोष कुमारी : लॉकडाउन में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी
जिले के गांव ढाणी कोलान निवासी शिक्षक संतोष कुमारी ने लॉकडाउन के बाद भी बच्चों को पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया। लॉकडाउन में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए सुबह दो घंटे लगातार कक्षाएं लेना राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की नींव रहा। इसके अलावा जहां पर भी चार्ज लिया, स्कूल को सुंदरता में प्रथम श्रेणी का पुरस्कार दिलाया। बतौर संतोष जब हम विद्यार्थियों को अपने बच्चे मानकर पढ़ाई कराते हैं तो परीक्षा परिणाम हो या अन्य गतिविधि विद्यार्थी पहली पंक्ति में खड़े दिखाई देते हैं। पढ़ाई बोरिंग न लगे, आज के दौर में इस पर काम किया जाना जरूरी है।
सुरेंद्र सिंह : साइंस की ई-लनिंग की बच्चो में बनाई आदत
जिले के गांव रोजका निवासी सुरेंद्र सिंह यादव को ततारपुर इस्तमुरार में मिडिल हेड रहते हुए राज्य पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। सुरेंद्र सिंह वर्तमान में हाईस्कूल हेड के रूप में प्रमोशन लेकर पलवल के जीएचएस कलसाडा में सेवाएं दे रहे हैं। बतौर सुरेंद्र सिंह साइंस को ई-लनिंग से कैसे बच्चों को पढ़ाएं, इस पर फोकस किया तो स्कूल परीक्षा परिणाम में भी इसका असर दिखाई दिया। स्कूल में शैक्षणिक कक्षाओं के अलावा खेेल व अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। सिंह ने बताया कि स्कूल को 2016 व 2019 में भी पुरस्कार मिल चुका है।
अजीत सिंह : अतिरिक्त कक्षाएं व नई शिक्षा प्रणाली पर काम बना आधार
ततारपुर इस्तमुरार स्कूल में 2007 से बतौर राजनीतिक विज्ञान के प्राध्यापक के तौर पर पढ़ाने वाले मूल रूप से गुरुग्राम के गोरियावासी निवासी वर्तमान में शहर में ही परिवार के साथ रहते हैं। परीक्षाओं से पहले दिसंबर, जनवरी व फरवरी में स्कूल के बाद शाम तीन से लेकर पांच बजे तक अतिरिक्त कक्षाओं की आदत व नई शिक्षा नीति में बतौर स्टोर रिसोर्स पर्सन के रूप में कार्य करना चयन के लिए आधार बना। वहीं रोड सेफ्टी, जल संरक्षण को कविता व नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक करने में भी अहम भूमिका का निर्वहन किया।
धर्मबीर।- फोटो : Rewari
संतोष कुमारी।- फोटो : Rewari
अजीत सिंह।- फोटो : Rewari