रेवाड़ी। मौलिक शिक्षा निदेशक अशोक कुमार गर्ग ने मंगलवार को फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी (एफएलएन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी नसीब सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी वीरेन्द्र सिंह नारा, प्राचार्य डायट सुभाष चन्द्र, उप जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र, महेंद्र सिंह खनगवल, कृष्ण कुमार के मार्गदर्शन में हो रहा है। इस दौरान खंड संसाधन समन्वयक पृथ्वी सिंह, जिला एफएलएन समन्वयक चरणसिंह, जीजीएसएसएस प्राचार्य धर्मवीर यादव एवं एलएलएफ फाउंडेशन से स्मिता कुमारी मुख्य प्रशिक्षक व चार बैच के प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
निदेशक गर्ग ने बताया कि शिक्षकों का बच्चों के साथ विशेष संबंध रहता है, बच्चे शिक्षकों का अनुसरण करते हैं, शिक्षक बच्चों के लिए रोल मॉडल होते हैं। समाज के निर्माण में और सामाजिक बदलाव में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। शिक्षक समाज का सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्व है। महिला शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सावित्रीबाई फुले का उदाहरण भी दिया। इस दौरान जिला एफएलएन समन्वयक चरणसिंह ने कहा कि शिक्षा में हो रहे नवाचार को अपनाकर ही हम देश के भविष्य को संवार सकते हैं और यह भविष्य हमारे विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चे ही हैं।
इसी दौरान एफएलएनके डीएसी स्मिता ने निदेशक को एमथ्रीएम फाउंडेशन के सहयोग से एफएलएन द्वारा दी गई हिंदी शिक्षण सामग्री से भी अवगत करवाया। निदेशक ने सामग्री का अवलोकन भी किया और ट्रेनिंग व सामग्री को बहुत प्रभावी पाया तथा एलएलएफ के सहयोग की तारीफ की। इस दौरान उन्होंने एफएलएन समन्वयक चरणसिंह के कार्य को भी सराहा। इस मौके पर शिक्षक व शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।